Cm Yogi In Gorakhpur: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को इको पार्क और एकला बांध सड़क के लोकार्पण किया. इसके बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया. सीएम योगी ने कहा कि जहां पहले मीथेन गैस निकलती थी वहां आज बच्चों के खेलने के लिए पार्क है. लोग योगासन और ध्यान कर सकते हैं. यह बताता है कि जब नियत साफ हो तो नियति को बदलने में देर नहीं लगती.
सीएम योगी ने 1055 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि कुछ करने की इच्छाशक्ति हो तो बहुत कुछ परिवर्तन लाया जा सकता है. पहले बहुत भद्दा लगता था. लखनऊ, वाराणसी की तरफ प्रवेश करते हुए सबसे पहले कचरा ही दिखता था.
आज से 35 वर्ष पहले ट्रांसपोर्ट नगर में शहर का सारा कचरा डंप होता था. वह बहुत भद्दा लगता था. वहां सफाई हुई और आज वहां ट्रांसपोर्ट नगर है. गोरखपुर की मंडी है. उसके बाद यह कचरा आकर एकला बंधे पर गिरने लगा था. गंदगी के साथ हवा में बदबू और जमीन में जहर हो गया था.
इसकी वजह से नीचे गंदगी होती थी और एनजीटी जुर्माना लगाता था. इससे भूजल भी प्रभावित होता था. आज यहां एक आधुनिक पार्क बन गया है. यह केवल पार्क नहीं, पिकनिक स्पॉट बन गया है. यहां लोग परिवार के साथ बैठ सकते है. यह बदलाव गोरखपुर में हर तरफ देखने को मिल रहा है.
गोरखपुर-वाराणसी मार्ग को जोड़ने के लिए तीन किलोमीटर लंबी फोरलेन की कनेक्टिविटी भी मिल रही है. इस मार्ग से लखनऊ, बांसगांव, कौड़ीराम तक जा सकते है. गोरखपुर में पिछले नौ वर्ष में जो कार्य प्रारंभ हुए, यह उसी का परिणाम है. हमें स्कूली बच्चों को आरआरआर के बारे में बताना पड़ेगा.
वेस्ट टू आर्ट के बारे में बताना पड़ेगा. पार्क में कचरे से बने आर्ट लगाए गए हैं. क्विज और रील प्रतियोगिता के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा. आज जो भी यूपी में आता है, उसको सुरक्षा के साथ बदलाव देखने को मिलता है. स्मार्ट के साथ सेफ सिटी भी हो. उत्तर प्रदेश के सभी नगर निगमों ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाया है.
सीएम ग्रिड के तहत स्मार्ट सड़कें बन रही हैं. हर वार्ड में एंड-टू-एंड पेविंग, ग्रीन बेल्ट और मिनी फॉरेस्ट का काम हो रहा है. खुली नालियों को बेहतरीन तरीके से ढकने का काम किया जा रहा है. गोरखपुर नगर में जहां पहले पानी भरता था, वहां आज बेहतर नालियां हैं. जहां अंधेरा था, वहां आज स्ट्रीट लाइटें हैं.
सीएम ने कहा कि जहां पहले हवा में बदबू थी, आज स्वच्छ वातावरण में लोग मॉर्निंग वॉक कर सकते हैं. आज शुद्ध पेयजल की उपलब्धता है. इस बंधे पर जो एनर्जी खर्च होगी, वह रिन्यूएबल है. यहां सोलर पैनल लगाए गए हैं. सिटी फॉरेस्ट से क्षेत्र में हरियाली होगी और प्रदूषण कम होगा.
इसी को लेकर प्रदेश के सभी नगर निगमों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है. पहले गोरखपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था. पहले गोरखपुर के लोग स्वास्थ्य शिक्षा के लिए बाहर जाते थे. आज गोरखपुर में चार विश्वविद्यालय हैं. सहजनवा में मिनी स्टेडियम है. अब फर्टिलाइजर कारखाना भी चल रहा है.
पिपराइच में चीनी मिल भी लग गई है. गोरखपुर ग्रामीण में ही इंटरनेशनल स्टेडियम और वेटनरी कॉलेज भी बन रहा है. सिक्सलेन और फोरलेन से कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है. इसका ध्यान रखना हम सबकी जिम्मेदारी है. वन महोत्सव में ग्रामीण विधायक इस बंधे के किनारे वृहद पौधरोपण कराएं.
सीएम योगी ने कहा कि हर वार्ड में मिनी फॉरेस्ट बनाए जाएं. इस फोरलेन से जाम की समस्या का भी समाधान हुआ है. सीएम ने रविकिशन की चुटकी लेते हुए कहा कि संसद में सांसद का भाषण सुना ही होगा. आचरण किया कि नहीं.
सपा सरकार में सब लूटते थे: रविकिशन
सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि जहां कचरा था, वहां आज स्वर्ग बन गया है. पहले सब नाक दबाकर जाते थे, आज साफ हो गया है. सपा-बसपा का बनाया गटर आज साफ हो चुका है. कचरा में हीरा खोज दिया गया. इस पार्क से बिजनेस बढ़ेगा. यहां फिल्म की शूटिंग होगी. आज पूरे भारत में गोरखपुर की चर्चा है.
सपा सरकार में यही सीख मिली थी. लूट, हत्या, गंदगी. सपा सरकार में सब लूटते थे. गरीब की कोई नहीं सुनता था. एक जिंदगी मिली है, हमेशा मुस्कुराते रहो.