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Varanasi: डबल इंजन सरकार “मेरा घर,मेरा अभिमान” की उम्मीद पूरा कर रही है। हर जरूरतमंद को छत मिले, सबका अपना घर हो इसके लिए डबल इंजन सरकार योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही है। सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न और मध्य आय वर्ग के परिवारों को पक्का आवास प्रदान कर रही है। सरकार इसके लिए लाभार्थियों को ढाई लाख रुपये (केंद्र सरकार 1. 50 लाख,राज्य सरकार 1 लाख) अनुदान दे रही है। योगी सरकार स्पेशल फोकस ग्रुप को वरीयता और अतिरिक्त लाभ देगी। इस योजना में 3126 लोगों का आवेदन स्वीकृत हो चुका है। वाराणसी में प्रधानमंत्री आवास योजना-1.0 के अंतर्गत सरकार ने गरीबों के घर बनाने में 985 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
आपके पास अपनी जमीन हो तो मोदी-योगी सरकार सबके सर पर छत देने के लिए संकल्पित है। जिला नगरीय विकास अभिकरण कि परियोजना अधिकारी निधि बाजपेई ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 शहरी में लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास योजना (बीएलसी) है। इस योजना में अभी तक लगभग 36,000 आवेदन आ चुके है। जिसमें से पात्र 3126 लाभार्थियों के आवेदन की स्वीकृति हो चुकी है। शेष आवेदकों की पात्रता और नियमानुसार जांच चल रही है। पात्र आवेदकों को जल्द ही लाभान्वित कराया जायेगा। इस योजना में स्पेशल फोकस ग्रुप को वरीयता और अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पीएम आवास योजना 1.0 में 39400 लाभार्थियों का घर बन चुका है। इसके लिए सरकार ने 985 करोड़ रुपये खर्च किये थे।
लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी ) में सरकार द्वारा दिया जाने वाला लाभ
-प्रत्येक लाभार्थी को 30-45 वर्ग मी० के आवास निर्माण हेतु रु०2.50 लाख रुपये की तीन किस्तों में वित्तीय सहायता।
-राज्य द्वारा स्पेशल फोकस ग्रुप के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को रु० 30,000 प्रति आवास एवं तलाकशुदा/विधवा महिलाओं हेतु रु० 20,000 प्रति आवास अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।
-12 माह या उससे कम समय में आवास पूर्ण करने वाले लाभार्थियों को रु० 10,000 का अतिरिक्त पुरस्कार ।
कौन होगा पात्र
-परिवार की वार्षिक आय रु० 3 लाख से कम होनी चाहिए।
– परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का आवास नहीं होना चाहिए।
-एक लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी एवं अविवाहित पुत्र/पुत्री शामिल होंगे ।
केंद्रीय कैबिनेट ने ₹62,500 करोड़ की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दे दी है. यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी और मोबाइल उत्पादन, निर्यात, घरेलू विनिर्माण तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी.