International Women’s Day: प्राचीन भारतीय संस्कृति में महिलाओं को समाज में सम्मान देने की रही है परंपरा: पुलिस महानिदेशक

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

International Women’s Day: 7 मार्च को कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, मुख्यालय, लखनऊ में अंतर्राष्टीय महिला दिवस के उपलक्ष में संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस अवसर पर अतिथियों के रूप में डा. आकांक्षा दीक्षित, जिला समाज कल्याण अधिकारी, समाज कल्याण और लेखिका, शिखा भार्गव, डिस्ट्रिक्ट एडिटर, इनर व्हील, निवेदिता सिंह, उपाध्यक्ष, डी. डब्ल्यू्. डब्ल्यू. एफ. एवं ख़ातिप्राप्त धाविका आशा सिंह मौजूद रहे, जिनका स्वागत डीजी कारागार एस एन साबत एवं अपर महानिरीक्षक कारागार चित्रलेखा सिंह द्वारा पुष्प गुच्छ देकर किया गया.

International Women's Day

पुलिस महानिदेशक कारागार ने बताया कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में महिलाओं को समाज में सम्मान देने की परंपरा रही है. महिला दिवस महिलाओ के त्याग और संघर्षों को याद करने के लिए तथा उनके शशक्तीकरण हेतु मनाया जाता है. उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं में जागरूकता तथा स्वावलंब हेतु विशेष प्रयास किया जा रहा है.

वर्तमान समय में एक जेंडर न्यूट्रल समाज की दिशा में हमे बढ़ना चाहिए. इसके लिए महिला और पुरुष दोनों में सामंजस्य स्थापित करना बहुत ज़रूरी है. इसके लिए महिलाओं को अर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है और पुरुष को घर के कामों को लाइफ स्किल्स समझ कर सीखना चाहिए. संगोष्ठी के समापन में अतिथियों को मोमेंटो प्रदान किया गया. इस अवसर पर मुख्यालय एवं डॉ. सम्पूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ की समस्त महिला कार्मिक एवं अधिकारी गण भी उपस्थित रहे.

ये भी पढ़े: Hapur: महाशिवरात्रि पर दर्शन करने जा रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत

Latest News

बड़ों का ही अनुकरण करता है बालक: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, बालक बड़ों का ही अनुकरण करता है। माँ-बाप यदि...

More Articles Like This

Exit mobile version