कासगंज की घोर अंधेरी रात…CO क्यों उतरे सड़कों पर, पुलिस के साथ पैदल गश्त का क्या था मकसद?

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Kasganj Police Midnight Patrol: कासगंज जिले के गंजडुंडवारा में बीती रात का माहौल आम दिनों से बिल्कुल अलग दिखाई दिया. सन्नाटे से भरी सड़कों पर अचानक पुलिस के बूटों की आवाज और सायरन की गूंज सुनाई दी, जिसने साफ कर दिया कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क है. सीओ पटियाली संदीप वर्मा भारी पुलिस बल के साथ अचानक गश्त पर निकल पड़े. उनका मकसद स्पष्ट था—अपराधियों में भय का माहौल बनाना और आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाना.

खाकी की धमक, चप्पे-चप्पे पर नजर

सीओ संदीप वर्मा और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम ने भारी पुलिस बल के साथ नगर के मुख्य मार्गों से लेकर तंग गलियों और बाजारों तक पैदल गश्त (फुट पेट्रोलिंग) की. पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से असामाजिक तत्वों में खलबली मच गई. प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया कि अंधेरे की आड़ लेकर गतिविधियां करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

फर्राटा भरने वालों की आई शामत

गश्त के दौरान पुलिस का एक्शन मोड भी देखने को मिला. सड़कों पर बेवजह घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की मौके पर ही तलाशी ली गई. इसके अलावा, यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर भी पुलिस का डंडा चला. तीन सवारियों के साथ तेज रफ्तार से दौड़ रही बाइकों और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को रोककर उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई. पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सार्वजनिक सड़कों को रेसिंग ट्रैक समझने की गलती न करें, अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

‘माहौल बिगाड़ा तो खैर नहीं’

सीओ संदीप वर्मा ने पैदल गश्त के दौरान स्थानीय लोगों से संवाद भी किया और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की. उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि किसी ने भी नगर का माहौल बिगाड़ने या शांति भंग करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने साफ किया कि बाइकर्स गैंग और शरारती तत्व पुलिस के रडार पर हैं और कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

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