Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली के लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था को समाप्त कर दिया है. जिसकी वजह से जो भी प्रीपेड मीटर लगाए गए थे वे अब पोस्टपेड हो गए हैं, यानी बार-बार रिचार्ज करने के झंझट से मुक्ति मिली है. नए कनेक्शनों के लिए भी प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं रहेगा. अब आपके यहां लगा प्रीपेड मीटर पोस्टपेड मोड में काम करेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इसकी घोषणा की.
लंबे समय से चली आ रही परेशानी दूर
इस व्यवस्था के ख़त्म होने से बिजली उपभोक्ताओं की लंबे समय से चली आ रही परेशानी दूर हो गई है. प्रदेश में लगभग 75 लाख स्मार्ट मीटर पहले ही प्रीपेड मोड में बदल दिए गए थे या नए कनेक्शन के साथ लगाए गए थे. अब इन सभी को पोस्टपेड में परिवर्तित किया जाएगा. इन उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख को बिजली का बिल मिलेगा. बिल जमा करने के लिए उपभोक्ता को 15 दिन का अतिरिक्त समय भी मिलेगा. इस दौरान बिजली सप्लाई निर्बाध रूप से जारी रहेगी.
चार समान किस्तों में ली जाएगी राशि
पोस्टपेड मीटर में उपभोक्ता को सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी. ऊर्जा मंत्री के निर्देश के अनुसार यह राशि एकमुश्त नहीं, बल्कि चार समान किस्तों में ली जाएगी. इससे उपभोक्ताओं पर एक साथ बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा. पहले प्रीपेड में बदले गए मीटरों की जमा राशि वापस की गई थी, अब उसे दोबारा किस्तों में जमा करना होगा.
विभिन्न डिस्कॉम के लिए हेल्पलाइन नंबर
उपभोक्ता को अगर बिल नहीं मिलता है तो वह टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत कर सकता है. इसके अलावा विभिन्न डिस्कॉम के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं. मसलन पूर्वांचल डिवीजन के लिए नंबर 8010968292 हैं. वहीं, मध्यांचल के उपभोक्ता 7669003409, पश्चिमांचल के 7859804803, दक्षिणांचल के 8010957826 और केस्को के नंबर 8287835233 पर कॉल कर बिल हासिल कर सकते हैं.
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