UP: पश्चिमी विक्षोभ से प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट, गिरेगा तापमान, बढ़ेगा कोहरे का असर

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Weather In Up: सर्दी की बेदर्दी शुरु हो गई है. उत्तर प्रदेश में रात में पारे का गिरना जारी है. शुक्रवार को कानपुर शहर में रात का पारा लुढ़क कर 4.2 डिग्री तक पहुंच गया. यह सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज हुआ. वहीं, इटावा और मुजफ्फर नगर में न्यूनतम पारा 5.4 डिग्री तक आ गिरा. मौमस विभाग का कहना है कि शनिवार से प्रदेश में हवाओं का रुख फिर से बदलेगा. यह हवाएं अरब सागर से नमी लेकर आएंगी. इसके असर से उत्तर प्रदेश में दोबारा पारे में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा.

वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार ने बताया

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवा की दिशा बदलने से इन नमीयुक्त हवाओं के असर से अगले तीन-चार दिनों में रात के पारे में 3 से 4 डिग्री की तात्कालिक बढ़त देखने को मिलेगी. कोहरा हल्के से मध्यम ही रहेगा, कहीं घने कोहरे का अलर्ट नहीं है.

उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है. सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रणालियों ने पहाड़ों से लेकर मैदानी राज्यों तक ठंड को बलवान कर दिया है. दिल्ली- एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में शीतलहर का असर गहराता जा रहा है, जबकि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में शून्य से नीचे तापमान से जनजीवन चुनौतीपूर्ण बना दिया है.

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, दिसंबर की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के मौसम में तेज बदलाव दर्ज किया जा रहा है. पहाड़ी क्षेत्रों में जहां बर्फबारी की संभावना बढ़ी है, वहीं मैदानी राज्यों में कड़ाके की सर्दी और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और कई चक्रवाती प्रसार अगले दिनों में मौसम को और अधिक परिवर्तित कर सकते हैं.

उत्तर भारत में मौसम के बदलते रुख का सबसे बड़ा कारण लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ हैं. एक महत्वपूर्ण पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पंजाब और उसके आसपास 3.1 से 4.5 किमी की ऊंचाई पर मौजूद है. इसकी वजह से बना चक्रवाती प्रसार उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर प्रभाव पैदा कर रहा है. साथ ही एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में उत्तर दिशा में फैल रहा है, जो आने वाले दिनों में बारिश और बर्फबारी को बढ़ा सकता है. इसी प्रभाव से उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है.

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