J Jayalalitha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता की जयंती पर उन्हें याद किया. पीएम मोदी ने कहा कि पूर्व सीएम की जिंदगी का सफर बहुत हिम्मत और पक्के इरादे वाला था.
J Jayalalitha की जयंती पर पीएम मोदी ने किया याद
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं जयललिता जी को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं. उन्होंने एक करिश्माई नेता और बेहतरीन प्रशासक के तौर पर अनगिनत लोगों के दिलों और दिमाग में जगह बनाई है. उनकी ज़िंदगी का सफर बहुत हिम्मत और पक्के इरादे वाला था. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के तौर पर, उन्होंने महिला सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय और सबको साथ लेकर चलने वाले विकास पर खास ध्यान देते हुए कल्याण पर आधारित शासन को आगे बढ़ाया. वह दयालु और फैसला लेने वाली दोनों थीं. मैं उनके साथ हुई बातचीत को बहुत खुशी के साथ याद करता हूं.”
तमिलनाडु के लोगों का उनसे गहरा लगाव था
पीएम ने कहा, “मन की बात प्रोग्राम में मैंने उनके बारे में यह कहा था कि अम्मा जयललिता जी का तमिलनाडु के लोगों का उनसे लगाव कितना गहरा था, यह मुझे आज भी राज्य के दौरे में दिखता है. जयललिता का जिक्र होते ही, तमिलनाडु के लोगों के चेहरे खिल उठते हैं. हमारी नारी शक्ति का जुड़ाव तो उनसे और विशेष रहा है. ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि सरकार में रहते हुए उन्होंने माताओं-बहनों और बेटियों के लिए कई सराहनीय प्रयास किए.”
अपने पुराने मुख्यमंत्री पद के दिनों को याद किया
पीएम मोदी ने अपने पुराने मुख्यमंत्री पद के दिनों को याद किया और बताया कि कैसे उनके और जयललिता के बीच गुड गवर्नेंस के विषय पर बातचीत होती थी. उन्होंने यह भी साफ किया कि पोंगल फेस्टिवल पर जयललिता ने उन्हें लंच पर बुलाया था. पीएम मोदी ने कहा कि जयललिता जी के साथ हुई हर मुलाकात, हर प्रकार की बातचीत मेरे मन में आज भी ताजा है. वे गुजरात में 2002 और 2012 में हुए मेरे दो शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुई थीं. जब हम दोनों अपने-अपने राज्य में मुख्यमंत्री थे, तब गुड गवर्नेंस जैसे विषयों पर अक्सर हमारे बीच बातचीत होती रहती थी.
अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी एक्स पोस्ट में लिखा कि तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और लोगों की नेता जयललिता को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि. गरीबों की भलाई और महिलाओं को मजबूत बनाने के अपने कमिटमेंट से, उन्होंने तमिलनाडु के विकास को नया रूप दिया और यह पक्का किया कि शासन की पहुंच आखिरी व्यक्ति तक हो. जनता की सेवा के लिए उनका समर्पण हमेशा एक प्रेरणा रहेगा.