Bengal CM Oath: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता आज इतिहास का साक्षी बनने जा रहा है. आजादी के बाद बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है. सुवेंदु अधिकारी कुछ ही देर में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में एक कार्यकर्ता को शॉल देकर सम्मानित किया और फिर उनके पैर छुए. पीएम मोदी ने जिन माखनलाल सरकार के पैर छुए वे सिलिगुड़ी से आते हैं.
बीजेपी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान
उनकी उम्र 96 साल है और नॉर्थ बंगाल में बीजेपी को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है. वे बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं.पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार के गठन के साथ ही सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक कद और मजबूत हो गया है. करीब तीन दशक से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय सुवेंदु अधिकारी को राज्य की राजनीति का अनुभवी और प्रभावशाली चेहरा माना जाता है. उनके पास 20 वर्षों से अधिक का विधायी अनुभव है. वह दो बार लोकसभा सांसद, तीन बार विधायक और पिछले पांच वर्षों तक पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं.
प्रशासनिक अनुभव का भी लंबा रिकॉर्ड
इसके अलावा वह तीन बार पार्षद और कांथी नगरपालिका के चेयरमैन भी रह चुके हैं. सुवेंदु अधिकारी को प्रशासनिक अनुभव का भी लंबा रिकॉर्ड हासिल है. वह पश्चिम बंगाल सरकार में परिवहन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. साथ ही हुगली रिवर ब्रिज कमीशन के चेयरपर्सन की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. हल्दिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन के रूप में उन्होंने औद्योगिक शहर हल्दिया के विकास में अहम भूमिका निभाई.
परिवार स्वतंत्रता संग्राम से भी जुड़ा
सहकारी आंदोलन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. उन्होंने कृषि ग्रामीण बैंक, कांथी अर्बन कोऑपरेटिव और विद्यासागर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक जैसे संस्थानों का नेतृत्व किया. सुवेंदु अधिकारी का परिवार स्वतंत्रता संग्राम से भी जुड़ा रहा है. उनके पूर्वज बिपिन अधिकारी और केनाराम अधिकारी बंगाल के स्वतंत्रता सेनानियों के करीबी सहयोगी रहे थे. ब्रिटिश शासन के दौरान उनके परिवार को उत्पीड़न और दमन का सामना भी करना पड़ा था. अंग्रेजों ने सुवेंदु अधिकारी के परिवार के घर को दो बार जला दिया था.
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