Yogi Cabinet Expansion: सीएम योगी मंत्रिमंडल विस्तार अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. आज यानी सोमवार को दोपहर तीन बजे जन भवन में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण होगा. इस विस्तार में करीब छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है, जबकि दो मौजूदा मंत्रियों का प्रमोशन हो सकता है. माना जा रहा है कि इन नेताओं को शामिल कर भाजपा विपक्ष के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को कमजोर करने की कोशिश कर रही है.
अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर शामिल
पार्टी की रणनीति साफ है कि गैर-यादव पिछड़ों और दलित वोट बैंक में अपनी पकड़ और मजबूत की जाए. जिन मंत्रियों का कद बढ़ सकता हैं उनमें अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर शामिल हैं, इन्हें कैबिनेट या स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है. कई मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बड़े फेरबदल की भी तैयारी है. भाजपा इस विस्तार के जरिए सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने की रणनीति पर भी काम कर रही है. खासतौर पर महिला और दलित प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी जा रही है.
सामाजिक संतुलन मजबूत करना बेहद जरूरी
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक संतुलन मजबूत करना बेहद जरूरी है. इसी वजह से इस बार कैबिनेट में ऐसे चेहरों को जगह देने की तैयारी है, जो अलग-अलग वर्गों में राजनीतिक संदेश दे सकें. संभावित नामों में समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा के करीब आए मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान, कैलश राजपूत, सुरेंद्र सिंह दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और चौधरी भूपेंद्र सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है.
संभावित मंत्रियों को लखनऊ पहुंचने के निर्देश
केंद्रीय नेतृत्व से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद संभावित मंत्रियों को लखनऊ पहुंचने के निर्देश दे दिए गए हैं. राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कुछ बड़े विभागों का पुनर्गठन किया जा सकता है ताकि सरकार की कार्यशैली को और प्रभावी बनाया जा सके.
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