अगस्त 2025 तक चीन के विदेशी मुद्रा भंडार में 29 अरब 90 करोड़ डॉलर की वृद्धि दर्ज हुई है, जो अर्थव्यवस्था में मजबूत स्थिरता और वैश्विक वित्तीय परिसंपत्तियों के मूल्य बढ़ोतरी के कारण संभव हुई.
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.