पितृ_दिवस

पिता चाहते हैं कि संतान उनके सारे कीर्तिमानों से आगे बढ़ जाए…

पुं नरकात् त्रायते इति पुत्र:सर्वत्र जयमन्विच्छेत्, पुत्रादिच्छेत् पराभवम्।सार यह है- संतान वह है जो पिता को उनकी वर्तमान स्थिति से ऊंचा ले जाए. पिता सारे जहां को जीतने की इच्छा रखते हैं. वे ये भी चाहते हैं कि उनके...
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श्रद्धा से किया गया श्राद्ध पितरों के प्रति कृतज्ञता का सबसे बड़ा भाव: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्राद्ध भी कई प्रकार का होता है। जिस तिथि पर...
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