जर्मनी में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते ने कई मुद्दों पर चर्चा की. अजीत गुप्ते (Ajit Gupte) के मुताबिक, विविध वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की आवश्यकता की पृष्ठभूमि में जर्मन कंपनियां भारत को सबसे महत्वपूर्ण संभावित गंतव्यों में से एक...
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.