Bhagwat Katha

श्रीमद्भागवत सुनने से मिलती है शांति: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीमद्भागवत महापुराण वेदरूपी कल्पवृक्ष का परिपक्व फल है। जिसमें गुठली, छिलका जैसा कुछ त्याज्य नहीं है, भक्ति रस से परिपूर्ण है। अतः भक्तों को यह रस जीवन भर पीते...

कामनाओं का आवरण हटे तो ही प्रभु के होते हैं दर्शन: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जिस तरह शरीर को वस्त्र ढँकते हैं और सूर्य को बादल, उसी तरह संसार के सुखों की कामना का आवरण परमात्मा को ढँक देता है। संसार में सर्वत्र विराजमान...
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देश में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं की उपेक्षा करना उचित नहीं: डॉ दिनेश शर्मा

लखनऊ/पुणे: राज्य सभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि देश में क्षेत्रीय भाषाओं की...
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