समाज और राष्ट्र की मजबूती केवल अधिकारों से नहीं, बल्कि कर्तव्यों के पालन से संभव है. जिम्मेदार नागरिक ही लोकतंत्र और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत बनाते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रसिद्ध तमिल कृति ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया. 133 अध्यायों और 1,330 दोहों वाली इस रचना का संबंध भारत और रूस के पुराने साहित्यिक जुड़ाव से भी बताया जाता है.