अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के बाद तेहरान को 60 दिनों तक तेल और पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की अनुमति मिली है. इस फैसले का फायदा भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को मिल सकता है.
अमेरिकी बाजारों में कमजोरी, मजबूत डॉलर और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार दबाव में नजर आया. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं.
New Delhi: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है. भारत के झंडे वाले तीन बड़े कच्चा तेल टैंकर सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर रवाना हो गए हैं। ये जहाज...
New Delhi: मिडिल ईस्ट में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच ग्लोबल एनर्जी रिसर्च फर्म वुड मैकेंजी की ताजा रिपोर्ट में चेतावनी ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं. वुड मैकेंजी के मुताबिक यदि यह...
Crude Oil Price Rise: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अमेरिका-ईरान तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है और आने...
ईरान ने अमेरिका से बातचीत से इनकार कर दिया है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है. इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ा और कीमतें 100 डॉलर पार पहुंच गईं. भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर हो सकता है.