Divya morari bapu

भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को माध्यम बनाकर जगत को दिया श्रीमद्भगवत गीता का उपदेश: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, आज के पाँच हजार वर्ष पहले मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन श्रीमद्भागवत गीता का उपदेश भगवान श्री कृष्ण ने धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की भूमि में दिया। इसीलिए इसे मोक्षदा एकादशी...

सत्संग से ही मनुष्य की प्रकृति में हो सकता है सुधार: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, सम्पूर्ण प्रकृति में विकृति आ गई है, इसका सुधार सत्संग से ही हो सकता है. प्रकृति का दो अर्थ है- एक संसार की प्रकृति, जिसे माया भी कहते हैं...

शरीर और संसार का अभिमान अहंकार को करता है विकृत: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, आज संपूर्ण मानव जाति को सत्संग की महती आवश्यकता है. आज हम भौतिक रूप से समृद्ध और विकास की तरफ हैं. लेकिन, हमारा अंतःकरण घोर विकृति की तरफ है....

भगवान की आराधना उपासना में वस्तु से ज्यादा भाव का है महत्व: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भक्त सुदामा भगवान कृष्ण के मित्र थे, भगवान श्रीकृष्ण सुदामा जी के साथ उज्जैन संदीपनी मुनि के आश्रम पर विद्या अध्ययन किए थे। वहीं भगवान की सुदामा जी से...

दस पुत्र के समान होती है एक कन्या: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, राजा परीक्षित ने आचार्य श्रीशुकदेव जी से भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी के विवाह से संबंधित प्रश्न किया. आचार्य श्रीशुकदेवजी ने कहा महाराष्ट्र में विदर्भ कुण्डिनपुर के राजा महाराज भीष्मक थे. महाराज...

तप से होती है इंद्रियों की शुद्धि: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, कालेन स्नानशौचाभ्यां संस्कारैस्तपसेज्या। शुध्यन्ति दानैः सन्तुष्ट्या द्रव्याण्यात्माऽऽत्मविद्यया।। समय पाकर भूमि की शुद्धि होती है. यह आवश्यक नहीं कि जो भूमि अपवित्र है, वह सदैव अपवित्र रहेगी. जिस भूमि पर...

निष्काम भक्ति से ईश्वर की होती है प्राप्ति: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य मथुरा में हुआ. भगवान गोकुल पधारे, भगवान का उत्सव-महोत्सव नंद बाबा ने गोकुल में मनाया. आध्यात्मिक दृष्टि से मथुरा अर्थात् भक्त का हृदय. भजन...

भगवान शंकर की पूजा उपासना में ध्यान का है विशेष महत्व: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान शिव के सिर पर गंगा जी विराजमान है। भगवती भागीरथी गंगा भक्ति स्वरूपा हैं। शिव भक्ति मार्ग के आचार्य हैं। भगवान शिव साक्षात भगवान है, लेकिन स्वयं अपने...

ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से क्षय रोग हो जाता है ठीक: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, द्वादश ज्योतिर्लिंग का दर्शन पूजन अथवा घर बैठे उनका स्मरण कर लेना, एकादश रुद्र और द्वादश ज्योतिर्लिंग का स्मरण विशेष फलदायी है. द्वादश ज्योतिर्लिंग - वर्ष में बारह मास...

माता-पिता की सेवा से द्वादश ज्योतिर्लिंगों की यात्रा का मिलता है फल: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, समस्त तीर्थो की यात्रा करने से जो फल मिलता है. द्वादश ज्योतिर्लिंग की यात्रा से गंगा आदि नदियों के स्नान से जो फल मिलता है, वह सब फल माता-पिता...
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