भारतीय अर्थव्यवस्था (India Economic) चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025) की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2024) की तुलना में तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2024) में तेज गति से बढ़ने की उम्मीद है. इसकी वजह, आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने के सकारात्मक...
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा डॉलर-पेग्ड स्टेबलकॉइन अपनाने की योजना से रुपया पर दबाव बढ़ सकता है और मौद्रिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है. IMF और BIS ने भी जोखिमों की चेतावनी दी है.