रिटेल और कंज्यूमर GCC में AI टैलेंट की हिस्सेदारी 2028 तक बढ़कर 10.6 फीसदी होने का अनुमान है. मौजूदा समय में AI और डेटा से जुड़े कामों में करीब 7,800 प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं.
भारत में कमर्शियल ऑफिस स्पेस की मांग लगातार बढ़ रही है. 2026 की पहली छमाही में इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस सालाना आधार पर 6 फीसदी बढ़कर 901.1 मिलियन स्क्वायर फीट पहुंच गया. बेंगलुरु सबसे बड़े ऑफिस मार्केट के रूप में आगे रहा.
रिपोर्ट के मुताबिक भारत के प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग का लगभग 50% हिस्सा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स से आ सकता है. इसमें अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रहने की संभावना है.
नई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में एआई से जुड़ी लगभग 70% नौकरियां बेंगलुरु, दिल्ली-NCR और मुंबई में केंद्रित हैं. बेंगलुरु अकेले 25% से ज्यादा हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे है.
भारत में दो वर्षों में 200 से अधिक नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स खुले हैं. रिपोर्ट के अनुसार आने वाले वर्षों में GCC ऑफिस स्पेस 350 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच सकता है.
भारत के ऑफिस रियल एस्टेट सेक्टर ने 2025 में अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन किया है. आठ बड़े शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग 25% बढ़ी है, जिससे लीजिंग, किराए और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है.
2025 में भारत में आईटी हायरिंग में तेजी, जिसमें GCC और उभरती तकनीकों में टैलेंट की मांग बढ़ी. मध्य-करियर पेशेवरों की हिस्सेदारी बढ़ी, एंट्री-लेवल की मांग 15% रही, और विशेषज्ञ क्षेत्रों में भर्ती प्रक्रिया लंबी हुई.
58% से अधिक वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) अब एआई पायलट चरण से आगे बढ़कर सक्रिय संचालन में हैं और इसके चलते भारत में इस सेक्टर की वर्कफोर्स 2030 तक 3.46 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है. मंगलवार को जारी...
नैसकॉम की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मौजूद 1,760 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) अब केवल दुनिया के लिए बैक-ऑफिस इंजन नहीं रहे, बल्कि तेजी से एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन के अग्रणी केंद्र बनते जा रहे...