भारत 2011-12 की जगह 2022-23 को नया GDP बेस ईयर बनाने जा रहा है. नई सीरीज में GST, डिजिटल कारोबार और सेवा क्षेत्र के डेटा को शामिल कर अर्थव्यवस्था का अधिक सटीक आकलन किया जाएगा.
भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला सप्ताह काफी अहम रहने वाला है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, वैश्विक बॉन्ड यील्ड, अमेरिकी रोजगार आंकड़े और FII की गतिविधियां बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती हैं.