बीते 48 घंटे में आम लोगों को महंगाई के लगातार 4 बड़े झटके लगे हैं. सोना-चांदी, दूध, पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतें बढ़ने से घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है.
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.