रिपोर्ट के मुताबिक भारत के प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग का लगभग 50% हिस्सा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स से आ सकता है. इसमें अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रहने की संभावना है.
भारत में दो वर्षों में 200 से अधिक नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स खुले हैं. रिपोर्ट के अनुसार आने वाले वर्षों में GCC ऑफिस स्पेस 350 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच सकता है.
अडानी समूह ने 2035 तक ग्रीन एनर्जी से चलने वाले AI-रेडी डेटा सेंटर्स के लिए 100 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की है. इससे भारत में 250 अरब डॉलर का AI इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम बनने की संभावना है.
यदि भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में औसतन 6% की दर से वृद्धि करती रही, तो वित्त वर्ष 2047-48 तक देश की जीडीपी 26 ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंच सकती है. इसी अवधि में प्रति व्यक्ति आय...
भारत ने 4.18 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया है. आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को...
भारत का कम्पोजिट पीएमआई दिसंबर में 58.9 दर्ज किया गया, जो यह दर्शाता है कि देश में व्यापारिक गतिविधियां मजबूती के साथ चल रही हैं. यह आंकड़ा दिसंबर के एचएसबीसी फ्लैश इंडिया पीएमआई डेटा में मंगलवार को जारी किया...