त्योहारों के सीजन में चीनी की बढ़ती मांग के बीच कीमतों पर राहत की उम्मीद है. भारतीय शुगर रिफाइनरियां घरेलू बाजार में करीब ढाई लाख टन चीनी बेचने की तैयारी कर रही हैं.
चीनी की एक्स-मिल कीमत में करीब 30 फीसदी की गिरावट आई है. मिल स्तर पर कीमत करीब 67 रुपये से घटकर 47 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई, लेकिन दुकानों पर चीनी अभी भी 60 रुपये से ज्यादा में बिक रही है.
त्योहारों से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. 25 अगस्त को चीनी का अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव 63.97 रुपये प्रति किलो रहा, जो एक महीने पहले के मुकाबले 31 फीसदी ज्यादा है.
सरकार ने शुल्क-मुक्त कच्ची चीनी के आयात से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. अब आयातकों को बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से दो महीने के भीतर कच्ची चीनी को रिफाइंड कर घरेलू बाजार में बेचना होगा.
सरकार की ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की अनुमति के बाद ब्राजील से चीनी की शुरुआती खेप 15 अक्टूबर से पहले भारत पहुंच सकती है. इससे त्योहारी सीजन में सप्लाई बढ़ने और कीमतों पर असर पड़ने की उम्मीद है.
चीनी के दाम में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. 20 दिन में कीमत 45 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो पहुंच गई. त्योहारों से पहले मिठाई और घरेलू खर्च पर इसका असर पड़ सकता है.
सरकार ने चीनी की जमाखोरी रोकने और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए 1 अगस्त से नया स्टॉक लिमिट नियम लागू करने का फैसला किया है. जानिए व्यापारियों के लिए क्या बदलेगा और नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई होगी.