Cell Broadcast Alert India: शनिवार का दिन कई लोगों के लिए अचानक चौंकाने वाला बन गया, जब उनके मोबाइल फोन पर एक तेज अलर्ट टोन के साथ एक चेतावनी संदेश फ्लैश हुआ. कुछ सेकंड के लिए लोग घबरा गए कि आखिर यह क्या हुआ, लेकिन जल्द ही साफ हो गया कि यह कोई खतरा नहीं, बल्कि एक बड़े राष्ट्रीय स्तर के प्रयोग का हिस्सा है. दरअसल, भारत सरकार ने देशभर में एक नई मोबाइल-आधारित आपदा संचार प्रणाली का परीक्षण शुरू किया है, जो भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में करोड़ों लोगों तक तुरंत चेतावनी पहुंचाने का काम करेगी.
यह प्रणाली स्वदेशी ‘सेल ब्रॉडकास्ट’ तकनीक पर आधारित है, जिसे देश में आपदा प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. सरकार ने इस तकनीक का देशव्यापी ट्रायल करते हुए शनिवार को लोगों के मोबाइल फोन पर एक परीक्षण अलर्ट भेजा.
मोबाइल पर क्या आया संदेश और क्यों हुआ परीक्षण?
लोगों को जो संदेश मिला, वह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में था. इसमें साफ तौर पर बताया गया कि भारत ने स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए सेल ब्रॉडकास्ट सेवा शुरू की है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को आपदा की स्थिति में तुरंत जानकारी देना है. संदेश में यह भी लिखा गया था कि यह केवल एक परीक्षण है और इसे प्राप्त करने पर किसी भी तरह की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है. इसके साथ ही “सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र” का संदेश देकर लोगों को जागरूक किया गया. इस परीक्षण का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि भविष्य में किसी भी वास्तविक आपदा के समय चेतावनी संदेश बिना देरी के और बिना नेटवर्क बाधा के हर व्यक्ति तक पहुंच सके.
कैसे काम करता है यह नया सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम?
यह नई प्रणाली दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित की गई है, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का सहयोग लिया गया है. यह तकनीक अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित है और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा अनुशंसित कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) का पालन करती है. इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी खास इलाके में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट भेज सकता है. यानी अगर किसी क्षेत्र में कोई खतरा है, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति के फोन पर एक ही समय में चेतावनी पहुंच जाएगी. यह प्रक्रिया लगभग वास्तविक समय में होती है, जिससे समय की बचत होती है और नुकसान को कम किया जा सकता है.
पूरे देश में लागू, पहले से मजबूत सिस्टम और अब नया अपग्रेड
सरकार के मुताबिक, यह प्रणाली भारत के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय है. अब तक आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने इस सिस्टम के जरिए प्राकृतिक आपदाओं, मौसम संबंधी चेतावनियों और चक्रवात जैसी घटनाओं के दौरान 19 से अधिक भारतीय भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा एसएमएस अलर्ट भेजे हैं. हालांकि, एसएमएस अलर्ट की एक सीमा होती है, क्योंकि नेटवर्क पर ज्यादा लोड होने पर संदेश देर से पहुंच सकते हैं. इसी कमी को दूर करने के लिए अब सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक को शामिल किया गया है, जो एक साथ लाखों मोबाइल फोन पर बिना देरी के संदेश भेज सकती है.
किस तरह की आपात स्थितियों में मिलेगा अलर्ट?
यह नई तकनीक सिर्फ मौसम की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कई तरह की गंभीर और जानलेवा स्थितियों में इस्तेमाल किया जाएगा. अगर किसी इलाके में सुनामी, भूकंप या बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदा का खतरा हो, तो वहां मौजूद लोगों को तुरंत चेतावनी दी जा सकेगी. इसी तरह, अगर किसी क्षेत्र में गैस रिसाव, रासायनिक खतरा या किसी अन्य मानव-निर्मित आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो यह सिस्टम तुरंत सक्रिय होकर लोगों के मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजेगा. इसका उद्देश्य यही है कि लोगों को समय रहते जानकारी मिल जाए, ताकि वे खुद को सुरक्षित स्थान पर ले जा सकें और नुकसान को कम किया जा सके.
C-DOT को मिली जिम्मेदारी
इस पूरे सिस्टम को विकसित करने और लागू करने की जिम्मेदारी सी-डॉट (Centre for Development of Telematics) को सौंपी गई है, जो दूरसंचार विभाग का प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र है. यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, जिससे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है.
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