Meta Premium Subscription: इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप का इस्तेमाल आजकल लगभग सभी लोग ही करते है, जिसके लिए यूजर्स को कोई पैसा नहीं देना पड़ता है. लेकिन अब फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म के यूजर्स के लिए बहुत जल्द प्रीमियम सब्सक्रिप्शन प्लान लाने की योजना बना रहा है.
Meta ने कहा कि आने वाले महीनों में वह अपने एप्स पर नए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन की टेस्टिंग शुरू करेगा. इन सब्सक्रिप्शन के जरिए यूजर्स को ज्यादा कंट्रोल, एक्सक्लूसिव फीचर्स और एडवांस्ड एआई टूल्स तक पहुंच मिल सकती है, जबकि बेसिक सुविधाएं पहले की तरह मुफ्त मिलती रहेंगी.
क्या है मेटा का प्लान?
मेटा का कहना है कि कंपनी ऐसे सब्सक्रिप्शन मॉडल पर काम कर रही है, जो प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिविटी को बढ़ावा देगी, जिसक मकसद सिर्फ कमाई बढ़ाना नहीं, बल्कि उन यूजर्स, क्रिएटर्स और बिजनेस को बेहतर टूल्स देना है जो प्लेटफॉर्म का ज्यादा गहराई से इस्तेमाल करते हैं. हालांकि मेटा पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह किसी एक तय मॉडल पर नहीं टिकेगा, बल्कि अलग-अलग एप्स के लिए अलग फीचर्स और बंडल टेस्ट करेगा.
इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर क्या होगा खास?
फिलहाल सभी एप्स के पेड फीचर्स के बारे में पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई हैं, हालांकि कुछ लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स को अनलिमिटेड ऑडियंस लिस्ट बनाने, ऐसे फॉलोअर्स देखने की सुविधा मिल सकती है जो उन्हें फॉलो बैक नहीं करते, और बिना सामने वाले को बताए स्टोरी देखने जैसे विकल्प मिल सकते हैं. वहीं, व्हाट्सएप और फेसबुक से जुड़े पेड फीचर्स के अभी कुछ खास जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि माना जा रहा है कि वहां भी बिजनेस और क्रिएटिविटी से जुड़े टूल्स पर ध्यान दिया जाएगा.
एआई टूल्स का मिलेगा सपोर्ट
मेटा अपने सब्सक्रिप्शन प्लान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को खास जगह देने वाला है. कंपनी हाल ही में खरीदे गए एआई एजेंट Manus को अपने प्लेटफॉर्म्स में इंटीग्रेट करेगी, साथ ही बिजनेस यूजर्स के लिए इसके अलग सब्सक्रिप्शन भी जारी रखेगी. इसके अलावा, मेटा का AI बेस्ड वीडियो टूल Vibes भी अब फ्री के साथ-साथ प्रीमियम मॉडल में आ सकता है, जहां ज्यादा वीडियो क्रिएशन के लिए सब्सक्रिप्शन लेना होगा.
मेटा वेरिफाइड से कितना अलग होगा यह प्लान?
बता दें कि यह नया सब्सक्रिप्शन ‘मेटा वेरिफाइड’ (Meta Verified) से बिल्कुल अलग होगा. दरअसल, मेटा वेरिफाइड मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो अपने अकाउंट पर ‘ब्लू टिक’ चाहते हैं और सुरक्षा और सीधे सपोर्ट की तलाश में हैं. लेकिन नया प्रीमियम प्लान आम यूजर्स, क्रिएटर्स और उन लोगों के लिए डिजाइन किया जा रहा है जो एप का इस्तेमाल अपनी उत्पादकता बढ़ाने या नए अनुभव पाने के लिए करते हैं.
क्या सफल होगा मेटा का यह दांव?
दरअसल, मेटा का मानना है कि उसने वेरिफाइड सर्विस से जो कुछ भी सीखा है, उसे अब वह आम यूजर्स की जरूरतों के हिसाब से ढालने जा रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि भलें ही मेटा कमाई के रास्ते तलाश रही है, लेकिन प्लान का सफल होना उसके लिए बड़ी चुनौती है. आज के समय में लगभर सभी ऐप सब्सक्रिप्शन बेस्ड हो चुके हैं ऐसे में सवाल ये है कि क्या यूजर्स मेटा को पैसे देंगे.
फिलहाल, Snapchat की सफलता को देखते हुए मेटा काफी उत्साहित है. Snapchat+ की सफलता से यह साबित होता है कि सोशल मीडिया सब्सक्रिप्शन का बाजार मौजूद है. इस एप की शुरुआती सब्सक्रिप्शन कीमत 3.99 डॉलर प्रति माह है और इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 1.6 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है.
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