Aja Ekadashi 2023 Date: अजा एकादशी का व्रत कल, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त व पारण टाइम

Aja Ekadashi 2023 Date and Timing: हिंदू धर्म में भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा आराधना के लिए एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. एकादशी तिथि हर माह में दो बार आती है. हर माह की पड़ने वाली एकादशी को अलग-अलग नाम से जानते हैं. वर्तमान में भाद्रपद माह का कृष्ण पक्ष चल रहा है. भाद्रपद कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को अजा एकादशी के नाम से जानते हैं. इस साल कब रखा जाएगा अजा एकादशी का व्रत आइए जानते है सही तिथि और पारण का शुभ मुहूर्त…

अजा एकादशी 2023 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 9 सितंबर की रात 9 बजकर 13 मिनट से हो रही है. तिथि का समापन 10 सितंबर की रात्रि 10 बजकर 36 मिनट पर होगी. उदयातिथि मान्यतानुसार अजा एकादशी का व्रत 10 सितंबर को रखा जाएगा. इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु के ऋषिकेष स्वरूप की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को रखने से मनुष्य के सभी पापों का नाश हो जाता है.

अजा एकादशी पारण टाइम
एकादशी व्रत में पारण का विशेष महत्व है. एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में ही कर लेना चाहिए. अजा एकादशी व्रत के पारण का उत्तम मुहूर्त 11 सितंबर 2023 को सुबह 06 बजकर 04 मिनट से सुबह 08 बजकर 33 मिनट तक है. बता दें कि इस बार अजा एकादशी पर दो बेहद शुभ योग रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं. इस शुभ योग में किया पूजा बहुत शुभ होता है.

रवि पुष्य योग: सायं 05: 06 मिनट से अगले दिन प्रातः 06:0 4 मिनट तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: सायं 05: 06 मिनट से 11 सितंबर प्रातः 06 बजकर 04 मिनट तक

ये भी पढ़ेंः Hartalika Teej 2023 Date: कब रखा जाएगा हरतालिका तीज का व्रत? जानिए सही तारीख और शुभ मुहूर्त

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न जानकारियों पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Latest News

Lohagad Fort History: जहां गूंजती हैं रहस्यमयी आवाजें! जिस लोहगढ़ किले से केतन को दिया गया धक्का, उसका इतिहास कर देगा हैरान

पुणे के लोहगढ़ किले का इतिहास 2000 साल पुराना माना जाता है. जानिए शिवाजी महाराज से जुड़ा इसका गौरवशाली अतीत और रहस्यमयी कहानियां. लोहगढ़ किला अपने इतिहास, प्राकृतिक सुंदरता और रहस्यमयी कहानियों के लिए प्रसिद्ध है. हालिया घटना के बाद यह किला फिर सुर्खियों में आ गया है.

More Articles Like This

Exit mobile version