Iran-US War Highlights: पश्चिम एशिया में एक बार फिर से हालात गंभीर होते हुए दिखाई दे रहे हैं. दरअसल, एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला करने की चेतावनी दी है. दूसरी ओर ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर रहस्यमय हमला हो गया है. इसी बीच ईरान ने भी स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की, तो जवाब केवल मोर्चे पर नहीं, बल्कि अमेरिकी और इजरायली अहम सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है.
स्थानीय समुदायों पर पड़ रहा विनाशकारी प्रभाव
संयुक्त राष्ट्र के लेबनान के लिए विशेष समन्वयक कार्यालय (UNSCOL) ने दक्षिणी लेबनान में इजराइल द्वारा लगातार क्षतिग्रस्त की जा रही इमारतों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने चेतावनी दी है कि इस तरह से इमारतों और बुनियादी ढांचे को ध्वस्त किए जाने का वहां की आम जनता, नागरिक सुविधाओं, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय समुदायों की यादों पर बेहद विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है. UNSCOL ने एक्स पर एक पोस्ट में अपनी बात रखते हुए कहा कि तबाही की इस तेज रफ्तार पर अब रोक लगाई जानी चाहिए. उनका कहना है कि जब समस्याओं के समाधान के लिए कूटनीतिक रास्ते अभी भी खुले हुए हैं, तो फिर इस तरह विनाश का दायरा बढ़ाना बिल्कुल भी जायज नहीं है.
अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया तेल टैंकर
वहीं, ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO (UK Maritime Trade Operations) के मुताबिक, ओमान के लिमाह तट से लगभग 11 समुद्री मील दूर एक तेल टैंकर अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आ गया, जिससे जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा, इसके बाद वह नियंत्रण खो बैठा. फिलहाल अभी तक किसी के हताहत होने या तेल रिसाव की कोई सूचना नहीं मिली है. हालांकि क्षेत्रीय कोस्ट गार्ड को अलर्ट कर दिया गया है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है.
होर्मुज के बाद अब ओमान के पास भी बढ़ा खतरा
बता दें कि यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री इलाकों में बदल चुका है. वहीं ईरान और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव के कारण व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इसके अलावा समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके से गुजर रहे सभी जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी देने को कहा है.
ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने खोले पत्ते
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा. हालांकि, बाद में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने कहा है कि अब अमेरिका ईरान पर नए हमले नहीं करेगा. साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया कि अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अब तक के सबसे बड़े सैन्य बल और ताकत के साथ ईरान पर कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार था, लेकिन ईरान और मिडिल ईस्ट के कई देशों की ओर से किए गए अनुरोध के बाद हमले को रोक दिया गया है.
इसी बीच एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि ईरान ने पहले से व्यापक जवाबी रणनीति तैयार कर रखी है. यदि अमेरिका ने हमला किया, तो ईरान अमेरिकी और इजरायली महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.