PM Albanese: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के बाद तनाव कम करने की अपील की है. दरअसल, ट्रंप ने देश के नाम अपने संबोधन में दावा किया कि ईरान के खिलाफ युद्ध में वॉशिंगटन के मुख्य रणनीतिक लक्ष्य लगभग पूरे होने वाले हैं. पीएम अल्बानीज ने कैनबरा में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि यह साफ नहीं है कि और क्या हासिल करने की जरूरत है.
ट्रंप के बयान पर टिप्पणी करना थोड़ा मुश्किल
ऑस्टेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि “राष्ट्रपति ट्रंप के बयान पर टिप्पणी करना थोड़ा मुश्किल है, जो मुझे लगता है, कुछ हद तक तब दिया गया जब मैं यहां बैठा था. ईरान के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते समय राष्ट्रपति ट्रंप ने जो लक्ष्य बताए थे, वे काफी हद तक हासिल हो गए हैं और हम तनाव कम होते देखना चाहते हैं.” उन्होंने कहा कि “अब जब वे लक्ष्य पूरे हो गए हैं, तो यह साफ नहीं है कि और क्या हासिल करना है या एंड पॉइंट कैसा दिखेगा. यह स्पष्ट है कि युद्ध जितना लंबा चलेगा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर उतना ही ज्यादा असर पड़ेगा.”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में नाटो समेत अन्य देशों को धमकी दी. इसे लेकर पीएम अल्बानीज से पूछा गया कि क्या इससे एयूकेयूएस साझेदारी को मिलने वाले लोगों के समर्थन को लेकर सवाल किया गया तो प्रधानमंत्री ने ट्रंप की आलोचना करने से इनकार कर दिया और जोर देकर कहा कि वह अभी भी उनके साथ अच्छे से काम कर रहे हैं.
दुनिया के नेताओं के साथ संबध बनाना मेरा काम
प्रधानमंत्री अल्बानीज ने कहा कि “ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के तौर पर मेरा काम दुनिया के नेताओं के साथ संबध बनाना है. मैं यही करता हूं और मैंने यही किया है. आपके कुछ साथियों को इस बात पर थोड़ा शक है कि मैं ऐसा कर पाऊंगा या नहीं, फिर भी हम बात कर पा रहे हैं. हमारी तीन बार आमने-सामने मुलाकात हुई है, कई बार फोन पर बात हुई है. यह जरूरी है क्योंकि यह ऑस्ट्रेलिया के इंटरेस्ट में है. मेरी सरकार को सच में गर्व है कि हमने अपने ट्रेडिशनल साझेदारों, अमेरिका और ब्रिटेन के साथ अपने संबंध मजबूत किए हैं.” उन्होंने कहा कि “लेकिन हमने यह नहीं कहा कि यह काफी है.
हम असल में मानते हैं कि हमने चीन के साथ संबंध सुधारे हैं. हमने आसियान देशों के साथ संबंध मजबूत किए हैं, अपने उत्तर एशिया व्यापारिक साझेदारों, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ संबंध मजबूत किए हैं. साथ ही पैसिफिक आइलैंड फोरम में हम जो भूमिका निभा रहे हैं और उभरते सुपरपावर्स, भारत और इंडोनेशिया की ओर उनसे मिलने वाले मौकों के लिए देख रहे हैं.”

