वार्ता विफल होते ही US ने ईरानी डेलिगेशन को भगाया, शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए दोनों देश

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Washington: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को ईरानी प्रतिनिधिमंडल को तुरंत अमेरिका छोड़ने का आदेश दिया. कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही थी, लेकिन दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए. ऐसे में बातचीत गतिरोध में पहुंच गई. ईरानी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल थे.

वैसे भी तेहरान लौटने वाले थे अराघची 

अमेरिकी अधिकारी ने आरोप लगाया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मेजबानी के समय से ज्यादा वक्त तक अमेरिका में रुकना जारी रखा था और अब उनके जाने का वक्त आ गया था. हालांकि, एक अन्य सूत्र ने कहा कि अराघची वैसे भी सोमवार रात तेहरान लौटने वाले थे. सोमवार सुबह व्हाइट हाउस को उम्मीद थी कि दिन में ईरान के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हो सकती है. लेकिन शाम होते-होते साफ हो गया कि दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंचने से दूर हैं.

प्रतिनिधिमंडल को तुरंत छोड़ना होगा न्यूयॉर्क 

इसके बाद रुबियो के निर्देश पर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी मिशन ने ईरानी मिशन को संदेश दिया कि अराघची समेत प्रतिनिधिमंडल को तुरंत न्यूयॉर्क छोड़ना होगा. आदेश मिलने के कुछ घंटे बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल एयरपोर्ट पहुंचा. अराघची और उनके साथ मौजूद अधिकारी मंगलवार तड़के 1:20 बजे न्यूयॉर्क से दोहा जाने वाली उड़ान में सवार हुए. वहां से आगे उनका ईरान लौटने का कार्यक्रम था. यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ जब कतर अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की कोशिश कर रहा है.

बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश

कतर के मध्यस्थ दोनों पक्षों के सामने एक समझौता प्रस्ताव रखने और उस पर बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन फिलहाल न तो अमेरिका और न ही ईरान अपने रुख से पीछे हटता दिखाई दे रहा है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि न्यूयॉर्क में मौजूद रहते हैं और ऐसे मौकों पर पर्दे के पीछे बातचीत के रास्ते भी खुले रहते हैं. लेकिन अमेरिका और ईरान के मामले में माहौल इतना बिगड़ चुका है कि बातचीत रुकते ही कूटनीतिक तल्खी भी खुलकर सामने आ गई.

दोनों देशों के बीच गहरे अविश्वास

हालांकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल के जल्द लौटने की संभावना पहले से थी, लेकिन अमेरिकी आदेश ने दोनों देशों के बीच गहरे अविश्वास को जरूर उजागर कर दिया. कतर की मध्यस्थता से चल रही अमेरिका और ईरान के बीच की बातचीत के किसी भी नतीजे पर न पहुंचने और दोनों पक्षों के अपनी शर्तों से पीछे न हटने के कारण stalemate (अचलावस्था) पैदा हो गया था. इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के निर्देश पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल को तुरंत न्यूयॉर्क छोड़ने का आदेश दिया गया.

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