ईरान में जंग से पहले वायरल हो रही अंगूठी, क्‍या है पैगंबर मूसा से इसका कनेक्‍शन?

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Ali Khamenei: अमेरिका और ईरान के बीच के हालात इस समय काफी नाजूक बने हुए है. अमेरिका कभी भी ईरान पर हमला कर स‍कता है. इसी बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की एक अंगूठी वायरल हो रही है, जिसपर लिखा है- बिलकुल नहीं! मेरा ईश्वर मेरे साथ है. इस मैसेज को अमेरिका के लिए एक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.

खामेनेई की यह तस्वीर कुरान को लेकर तेहरान में हुई एक बैठक के दौरान की है. बता दें कि  ईरान में सुप्रीम लीडर को सबसे ताकतवर माना जाता है और खामेनेई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर हैं.

ईरान डूबों दिए अमेरिकी युद्धोपोत

वॉल स्ट्रीट जनरल के मुताबिक, ईरान से समझौता न होने की स्थिति में अमेरिका सीमित हमले पर विचार कर रहा है. अमेरिका ने इसके लिए मिडिल ईस्ट में 2 युद्धपोत भेजे हैं. वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर ने पिछले दिनों एक बयान में इन युद्धपोतों को डुबो देने की बात कही थी

अंगूठी पर लिखा संदेश क्यों है अहम?

वहीं, खामेनेई के अंगूठी पर जो आयत लिखा है- वो कुरान के अल सूरह अश-शुअरा (26:62) से संदर्भित है. कहा जाता है कि पैंगबर मूसा को जब फिरऔन की सेना ने घेर लिया था, तब उन्होंने इस आयत को पढ़ा था. उस वक्त पहाड़ और समंदर के बीच से एक रास्ता निकला था, जिसके जरिए पैगंबर मूसा और उनके लोग निकल गए थे.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव क्यों?

अमेरिका का कहना है कि मिडिल ईस्ट में उथल-पुथल मचाने के लिए ईरान परमाणु हथियार बना रहा है. हालांकि ईरान लगातार इस बात से इंकार कर रहा है, लेकिन उन्‍होंने यूरेनियम संवर्धन की बात स्वीकारी है. अमेरिका और ईरान के बीच सुलह के लिए इस महीने पहले ओमान और फिर जिनेवा में बैठक हुई. हालांकि, बात अब तक नहीं बन पाई है.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की वजह

दरअसल, अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने सभी यूरेनियम को देश से बाहर शिफ्ट कर लें. इसी तरह अमेरिका ने ईरान से कम दूरी की मिसाइलों का निर्माण करने के लिए भी कहा है. ईरान ने इन शर्तों को मानने से फिलहाल इनकार कर दिया है, जिसके बाद दोनों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है.

अमेरिका लूटने की कोशिश कर रहा- अयातुल्ला

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने एक वीडियो शेयर कर अमेरिका पर लूटने की कोशिश में शामिल होने का आरोप लगाया. खामेनेई के मुताबिक, 1953 से ही अमेरिका की नजर ईरान पर है. वो यहां के प्राकृतिक संसाधन को अपने कब्जे में लेना चाहता है. खामेनेई के मुताबिक अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा चाहता है. ईरान ऐसा होने नहीं देगा.

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