रूसी तेल टैंकर पर US का कब्जा, रूस ने बताया इसे खुले समंदर में डकैती, अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने का भी आरोप

Russia: रूस और अमेरिका के बीच पहले से और अधिक तनाव बढ़ गया है. इसकी वजह यह है कि अमेरिकी सेना ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में वेनेजुएला से आ रहे रूसी तेल टैंकर मरीनेरा पर कब्जा कर लिया है. रूस ने इस कार्रवाई को खुले समंदर में की गई डकैती और अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है. मॉस्को का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए खतरनाक मिसाल बन सकता है.

लगातार संपर्क में है ट्रंप प्रशासन

वहीं व्हाइट हाउस ने इस पूरे मामले पर बयान जारी करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के साथ लगातार संपर्क में है. उधर, रूस की संसद के ऊपरी सदन के वरिष्ठ नेता एंड्री क्लिशास ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई समंदर में खुली लूट है और अमेरिका अपने बनाए नियमों के नाम पर अंतरराष्ट्रीय कानून को कुचल रहा है.

भविष्य में बड़े टकराव का कारण

क्लिशास ने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं वैश्विक समुद्री सुरक्षा को कमजोर करेंगी और भविष्य में बड़े टकराव का कारण बन सकती हैं. रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह रूसी झंडे वाले टैंकर पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जुड़ी सभी खबरों पर कड़ी नजर रखे हुए है. रूस ने अमेरिका से मांग की है कि टैंकर पर मौजूद रूसी नागरिकों के साथ मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए.

संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून का सीधा उल्लंघन

उनके अधिकारों और हितों का पूरा सम्मान हो और जहाज पर मौजूद रूसी क्रू की जल्द और सुरक्षित रूस वापसी में कोई रुकावट न डाली जाए. रूसी परिवहन मंत्रालय ने पुष्टि की है कि सुबह करीब 7 बजे अमेरिकी सैन्य बल जहाज पर चढ़े और इसके बाद से टैंकर से संपर्क पूरी तरह टूट गया. मंत्रालय ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून का सीधा उल्लंघन है. इस कानून के तहत कोई भी देश दूसरे देश के कानूनी रूप से पंजीकृत जहाज पर बल प्रयोग नहीं कर सकता.

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