बेटी की हत्या कर गुमराह करती रही भारतीय मूल की डॉक्टर! 911 कॉल सार्वजनिक होते ही पहुंची हवालात

Washington: अमेरिका के फ्लोरिडा में भारतीय मूल की डॉक्टर डॉ. नेहा गुप्ता की चार साल की बेटी आरिया तलाठी की संदिग्ध मौत के बाद बडा खुलासा हुआ है. कई महीनों बाद अब अमेरिकी अधिकारियों ने उस 911 कॉल को सार्वजनिक किया है जो बच्ची की मां ने घटना के वक्त किया था. जांच एजेंसियों का कहना है कि यह कॉल बच्ची की मौत को छिपाने के लिए रचा गया नाटक था.

दोनों एक शॉर्ट-टर्म रेंटल होम में ठहरी

आरोपी डॉक्टर का नाम डॉ. नेहा गुप्ता बाल रोग विशेषज्ञ हैं जो ओक्लाहोमा में रहती थीं. जून 2025 में वह अपनी चार साल की बेटी आरिया तलाठी के साथ मियामी (फ्लोरिडा) घूमने गई थीं. दोनों एक शॉर्ट-टर्म रेंटल होम में ठहरी थीं, जहां यह घटना हुई. मियामी-डेड शेरिफ कार्यालय के मुताबिक 37 साल की नेहा गुप्ता ने जांचकर्ताओं को बताया कि आधी रात को उनकी बेटी घर से बाहर निकल गई और स्विमिंग पूल में गिर गई.

किसी आवाज से खुली उनकी नींद

नेहा का कहना था कि वह सो रही थीं, तभी किसी आवाज से उनकी नींद खुली और उन्होंने बच्ची को पूल में देखा. अधिकारियों द्वारा जारी की गई 911 रिकॉर्डिंग में नेहा गुप्ता कहती हैं कि वह पूल में थी, मैंने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मुझे तैरना नहीं आता. मैंने उसे बाहर निकालने की कोशिश की. वह डिस्पैचर से कहती हैं कि घर में सिर्फ वही और उनकी बेटी थीं.

बच्ची को पानी से बाहर निकालें

जब उनसे पूछा गया कि क्या बच्ची होश में है तो उन्होंने कहा कि नहीं, वह पूल के नीचे है, हिल नहीं रही. डिस्पैचर ने बार-बार नेहा से कहा कि किसी भी तरह बच्ची को पानी से बाहर निकालें लेकिन नेहा बार-बार यही पूछती रहीं कि एम्बुलेंस कब पहुंचेगी. डिस्पैचर ने उनसे पूल की गहराई के बारे में पूछा. इस पर नेहा ने कहा कि शायद नौ फीट है, मुझे ठीक से नहीं पता.

नेहा दरवाजा खोलने चली गईं

कुछ ही देर बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो नेहा दरवाजा खोलने चली गईं. इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने खुद बच्ची को पूल से बाहर निकाला. नेहा गुप्ता ने पैरामेडिक्स को बताया कि उन्हें नहीं पता बच्ची कितनी देर पूल में रही. अंदाजा लगाया कि करीब 20 मिनट. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनकी कहानी को पूरी तरह झूठा साबित कर दिया. रिपोर्ट में सामने आया कि बच्ची के फेफड़ों और पेट में पानी नहीं था.

बच्ची की दम घोंटकर हत्या

इसका मतलब बच्ची की मौत पूल में डाले जाने से पहले ही हो चुकी थी. जांचकर्ताओं का मानना है कि बच्ची की दम घोंटकर हत्या की गई और बाद में उसे पूल में डाला गया. इन सब सबूतों के बाद डॉ. नेहा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया. उन्हें जमानत नहीं मिली और वह अब भी जेल में हैं. हालांकि नेहा और उनके वकील लगातार कह रहे हैं कि आरिया की मौत एक हादसा थी. नेहा गुप्ता की अगली कोर्ट पेशी मई में होनी है.

पूरा कस्टडी लेने की अर्जी

जांच में यह भी सामने आया कि घटना से पहले आरिया के पिता ने पूरा कस्टडी लेने की अर्जी दी थी. उन्होंने कोर्ट और पुलिस को बताया था कि उन्हें नेहा की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता थी. पिता ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनकी बेटी को फ्लोरिडा ले जाया गया है.

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