अमेरिका में एच-1बी वीजा प्रोग्राम खत्म करने के लिए नया बिल पेश, क्‍या है इसका उद्देश्‍य?

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

America to eliminate H-1B Visa: अमेरिका में हाल ही में रिपब्लिकन प्रतिनिधि ग्रेग स्ट्यूबी ने एच-1बी वीजा योजना को खत्म करने के लिए एक नया कानून पेश किया है. उनका कहना है कि यह योजना अमेरिकी नागरिकों के बजाय विदेशी कामगारों को ज़्यादा प्राथमिकता देती है, जिससे स्थानीय लोगों को नुकसान होता है.  इस प्रस्तावित कानून का नाम “एंडिंग एक्सप्लॉइटेटिव इम्पोर्टेड लेबर एग्जेम्प्शंस एक्ट” है, जिसे संक्षेप में एक्साइल एक्ट कहा जा रहा है.

क्‍या इस कानून का उद्देश्‍य?

इस कानून के जरिये इमिग्रेशन और नेशनलिटी एक्ट में बदलाव करने का प्रस्ताव है, ताकि एच-1बी वीजा योजना को पूरी तरह बंद किया जा सके. एच-1बी वीजा के तहत अमेरिकी कंपनियों को तकनीक, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और वित्त जैसे विशेष क्षेत्रों में विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देने की अनुमति मिलती है.

विदेशी कामगारों को प्राथमिकता देना राष्‍टीय हितों को कर रहा कमजोर

स्ट्यूब ने कहा कि “अमेरिकी नागरिकों की भलाई और समृद्धि के बजाय विदेशी कामगारों को प्राथमिकता देना हमारे मूल्यों और राष्ट्रीय हितों को कमज़ोर करता है. हमारे कर्मचारियों और युवाओं को एच-1बी वीज़ा प्रोग्राम से लगातार विस्थापित और अधिकारहीन किया जा रहा है, जो हमारे वर्कफोर्स की कीमत पर कंपनियों और विदेशी प्रतिस्पर्धियों को फायदा पहुंचाता है.”

स्ट्यूब ने आगे कहा कि “हम अपने बच्चों के लिए अमेरिकी सपने को तब तक सुरक्षित नहीं रख सकते जब तक हम उनका हिस्सा गैर-नागरिकों को देते रहेंगे. इसलिए मैं काम करने वाले अमेरिकियों को फिर से प्राथमिकता देने के लिए एक्साइल एक्ट पेश कर रहा हूं.”

पूरी तरह से खत्‍म हो जाएगा एच-1बी वीजा योजना

उनके कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि इस कानून के लागू होने से एच-1बी वीजा योजना पूरी तरह खत्म हो जाएगी. इसमें यह भी कहा गया है कि एच-1बी वीजा पाने वालों में 80 प्रतिशत से ज़्यादा लोग भारतीय या चीनी नागरिक हैं और अक्सर कम उम्र के कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाती है.

कानून के मसौदे में कहा गया है कि साल 2027 से हर वित्तीय वर्ष में एच-1बी वीजा की संख्या शून्य कर दी जाएगी, यानी यह योजना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी.

राजनीतिक बहस का मुद्दा बना एच-1बी वीजा

एच-1बी वीजा योजना को शुरू इसलिए किया गया था ताकि विशेष योग्यता वाले विदेशी विशेषज्ञ अमेरिका में काम कर सकें. समय के साथ यह भारत और चीन जैसे देशों के पेशेवरों के लिए अमेरिका में काम करने का बड़ा रास्ता बन गई, लेकिन नौकरियों, वेतन और आव्रजन नीति को लेकर यह लगातार राजनीतिक बहस का विषय भी बनी हुई है.

इसे भी पढें:-असम में दिखेगा भारतीय नौसेना का दमखम, पीएम मोदी 14 फरवरी को इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का करेंगे उद्घाटन

Latest News

Stock Market Outlook: 2026 के अंत तक 22% बढ़कर 95,000 पर पहुंच सकता है सेंसेक्स: मॉर्गन स्टेनली

मॉर्गन स्टेनली ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बड़ा अनुमान जताया है. सेंसेक्स 2026 तक 95,000 तक पहुंच सकता है. जानें पूरी रिपोर्ट.

More Articles Like This

Exit mobile version