बलूचिस्तान में पाक सेना के काफिले पर हमला,  6 जवानों की मौत, BLA ने ली जिम्‍मेदारी

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Balochistan Attack: पाकिस्तान की मुश्किलें खत्‍म होने की नाम ही नहीं ले रही हैं. ऐसे में एक ओर जहां अफगानिस्तान से सीजफायर पर सहमति बनी वहीं, दूसरी ओर एक नई मुसीबत खड़ी हो गई. दरअसल, एक बार फिर बलूचिस्तान में सेना के काफिले पर हमला हुआ है. बलूचिस्तान के कलात जिले के मंगोचर इलाके में पाकिस्तानी सेना के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले में दो कमांडो समेत कम से कम छह पाकिस्तानी जवान मारे गए.

पाकिस्‍तानी सेना पर हुए इस हमले की जिम्‍मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. वहीं हमले में मारे गए लोगों में नायक तारिक, सिपाही मुजम्मिल, सिपाही फराज, सिपाही आजम नवाज, लांस नायक शाहजहां और सिपाही अबशार शामिल हैं.

इलाके में हुई भारी गोलीबारी

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना पर हमला विशेषज्ञ स्नाइपर्स ने किया था. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह हमला योजनाबद्ध तरीके से किया गया, जिसके बाद इलाके में भारी गोलीबारी शुरू हो गई. स्‍थानीय सूत्रों के मुताबिक, इलाके में भीषण झड़पें जारी हैं और सभी प्रवेश और निकास मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं. वहीं, इस हमले की जिम्‍मेदारी BLA ने ली है. उन्‍होंने इस हमले में स्नाइपर और रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) जैसी रणनीतियों का इस्तेमाल किया. इस दौरान सेना के दो वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए.

50 मिनट तक चली मुठभेड़

सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी लगभग 50 मिनट तक चली. मुठभेड़ का पैमाना और अवधि इस बात की ओर इशारा करते हैं कि पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था के खिलाफ BLA के हमले अब ज्यादा संगठित और उन्नत होते जा रहे हैं.

क्या है BLA?

बता दें कि BLA एक जातीय राष्ट्रवादी उग्रवादी संगठन है, जो बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की मांग करता है. उसका कहना है कि केंद्र सरकार प्रांत के आर्थिक शोषण और उपेक्षा के लिए जिम्मेदार है. पिछले कुछ वर्षों में इस संगठन ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं और अक्सर सुरक्षा बलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और खासतौर पर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) से जुड़े प्रोजेक्ट्स को निशाना बना रहा है.

हालांकि इससे पहले बीएलए ने लगातार पाकिस्तान में कई घातक हमले किए हैं. यह इलाका पाकिस्तान के आर्थिक भविष्य के लिए अहम माना जाता है, लेकिन दशकों से चल रहे विद्रोह ने इसे अस्थिर कर रखा है. अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद क्षेत्र में व्यापक सर्च और क्लियरेंस अभियान चलाए जाने की संभावना है.

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