बारिश और बाढ़ से बलूचिस्तान में भारी तबाही, 7 लोगों की मौत, 4 घायल, सैकड़ों घर, मवेशी नष्ट

Islamabad: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में अचानक हुई भारी बारिश और बाढ़ से बड़े पैमाने पर तबाही हुई है. बाढ़ के कारण सैकड़ों घर, मवेशी और कृषि भूमि नष्ट हो गई है. इस आपदा में सात लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हुए हैं. शुक्रवार को स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है. प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के अनुसार, आपातकालीन टीमें ज़िला प्रशासन के साथ मिलकर बचाव और राहत कार्य चला रही हैं.

कई जिलों में बाढ़ से भारी नुकसान

बलूचिस्तान के काची, नसीराबाद, झल मगसी, डेरा बुगती, सिबी, हरनाई, कोहलू, तुरबत, जाफ़राबाद, लोरालाई और बोलन सहित कई जिलों में बाढ़ ने भारी नुकसान किया. PDMA के अनुसार, 100 से ज़्यादा घर और 50 से अधिक मवेशी नष्ट हो गए, जबकि लगभग 400 एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई. हरनाई और किला अब्दुल्ला में लगभग 100 घर प्रभावित हुए. झल मगसी में बाढ़ के तेज़ बहाव के कारण गंडावाह-नोटल सड़क बंद हो गई. लोरालाई और काची में बिजली गिरने से दो लोगों की जान गई.

भारी बारिश से मुख्य सड़कें भी प्रभावित

कोहलू में छत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि लोरालाई में दीवार गिरने से एक अन्य व्यक्ति मारा गया. जाफ़राबाद में एक बच्चा डूब गया और केच जिले में दो लोग बाढ़ के पानी में बह गए. भारी बारिश के कारण मुख्य सड़कें भी प्रभावित हुई हैं. हरनाई-क्वेटा और क्वेटा-संजवी राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्से बह गए और कई अन्य सड़कें बंद हो गईं. हरनाई और चमन की नदियों और नालों में अचानक बाढ़ आ गई. किला अब्दुल्ला में 15 महिलाओं और बच्चों को ले जा रही एक मिनी-कोच बाढ़ में फंस गई थी, लेकिन PDMA की मदद से उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया.

मरम्मत और बचाव कार्य जारी

काची के गोठ ताज हबीब और गोठ बलोचानी में तटबंधों की मरम्मत और बचाव कार्य जारी है. हज़ारों मवेशियों की मौत हो गई और सरसों, गेहूँ तथा चने जैसी खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं. बोलन, यारोकाज़ोई, नोटल, गंडावाह और झाल मगसी को जोड़ने वाली सड़कें कट गईं, जिससे कई समुदाय अलग-थलग पड़ गए और सिंध तथा बलूचिस्तान के बीच यातायात बाधित हुआ.

पख्तूनख्वा में भी 17 लोगों की मौत

30 मार्च को PDMA ने बताया कि 25 मार्च से खैबर पख्तूनख्वा में भी भारी बारिश और बाढ़ के कारण 17 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 14 बच्चे शामिल थे और 56 अन्य घायल हुए थे. सबसे ज़्यादा मौतें बन्नू में हुईं, जहां आठ लोगों की जान गई, जिनमें सात बच्चे और एक महिला शामिल थे, जबकि 42 अन्य घायल हुए थे.

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