Bangladesh 13th General Election: बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को बंपर जीत मिली है, जिसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे. चुनाव में बीएनपी के इस बड़ी जीत के साथ पार्टी में उत्साह का माहौल है. हालांकि पार्टी का कहना है कि जश्न की जगह पूरे देश में आज स्पेशल नमाज पढ़ी जाए.
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी नेतृत्व ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से सार्वजनिक तौर जश्न मनाने की जगह संयम बरतने और पूरे देश में नमाज पढ़ने की अपील की है. BNP प्रमुख और देश के भावी पीएम तारिक रहमान ने पार्टी से जुड़े सभी संगठनात्मक स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को आज जुमे की नमाज के बाद पूरे देश में स्पेशल नमाज पढ़ने का निर्देश दिया है.
भारत का बांग्लादेश के साथ संबंध
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के जीत के बाद लोगों के जहन में ये भी सवाल आ रहे है कि तारिक रहमान के हाथों में सत्ता की कमान होने से भारत को फायदा होगा या नुकसान. बता दें कि 1971 में बांग्लादेश बनने के बाद से भारत के साथ संबंधों में उतार चढ़ाव आते रहे हैं. पर शेख हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग को हमेशा भारत का करीबी माना जाता है. वहीं बीएनपी का झुकाव पाकिस्तान की ओर रहा है. साथ ही बीएनपी की विचारधारा इस्लामी है.
फ्रेंड येस, मास्टर नो’
बीएनपी का एक मशहूर नारा है. फ्रेंड येस, मास्टर नो’. इसका अर्थ है कि पड़ोसी देश भारत से बांग्लादेश की दोस्ती रहेगी लेकिन वह मालिक नहीं होगा. बीएनपी भारत, पाकिस्तान और चीन के साथ संतुलित विदेश नीति की राह पर बढ़ना चाहता है.
भारत की तीन चिंताएं
भारत के मन में बांग्लादेश और बीएनपी को लेकर अभी तीन चिंताएं हैं. पहला- सीमा सुरक्षा, दूसरा- वहां हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और तीसरा- आतंकवाद. दरअसल बीएनपी की पिछली सरकारों पर कई बार आरोप लगा है कि उन्होंने भारत विरोधी तत्वों को शरण दी है.
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