ईंधन लेकर बांग्लादेश जा रहे रूसी विमान को पाकिस्तान ने रोका! आखिर क्या है वजह

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Bangladesh: बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के गिरते ही वहां के कट्टरपंथी ताकतों का उभार हुआ और माहौल पाकिस्तानी मंसूबों के अनुसार हो गया. ऐसे में कुछ लोगों को लगा कि जिस पाकिस्तान से हिंसक क्रांति के बाद आजादी पाई है, वही उनके काम आएगा. लेकिन पाकिस्तान ने फिर से अपना असली चेहरा दिखा दिया है. उसने साबित कर दिया है कि बांग्लादेश के लोगों की परवाह न 1971 में थी और न ही आज है.

पाकिस्तान ने नहीं दी मंजूरी 

दरअसल, बांग्लादेश के रूपपुर परमाणु ऊर्जा प्लांट के लिए यूरेनियम की सप्लाई पाकिस्तान के वजह से रुक गई है. पाकिस्तान ने बांग्लादेश को एयरस्पेस इस्तेमाल करने की मंजूरी नहीं दी है. इस परमाणु प्लांट की यूनिट-2 के लिए परमाणु ईंधन रूस से 24 सितंबर को बांग्लादेश पहुंचना था, जो अभी तक नहीं पहुंच पाया है.

इसी बीच, बांग्लादेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फकीर महबूब अनाम ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि रूपपुर परमाणु प्लांट के लिए यूरेनियम लेकर एक कार्गो विमान 24 सितंबर को बांग्लादेश पहुंचने वाला था. लेकिन इसे पाकिस्तानी एयरस्पेस से गुजरने की मंजूरी नहीं मिली. इसलिए तय समय पर यूरेनियम बांग्लादेश नहीं पहुंच सका. हालांकि पाकिस्तान ने ऐसा क्यों किया इसके कारणों का अभी तक पता नहीं चला है.

यूरेनियम पहुंचने के नई तारीखों का ऐलान 

फिलहाल अब यूरेनियम पहुंचाने के लिए नई तारीख तय की गई है. रूस ने संकेत दिया है कि यूरेनियम अक्टूबर के पहले हफ्ते में बांग्लादेश पहुंच सकता है.

दरअसल, बांग्लादेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव शेख मोहम्मद तौहीदुल इस्लाम ने बताया कि एयरपोर्ट पर सभी तैयारियां पूरी थीं और वे विमान का इंतजार कर रहे थे. लेकिन रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम के संपर्क अधिकारी ने बताया कि एयरस्पेस साफ नहीं था. इसलिए यूरेनियम भेजना संभव नहीं हो सका और अब इसे दोबारा तय करना पड़ सकता है. फिलहाल, अधिकारी यह नहीं बता सके कि किस देश ने एयरस्पेस को लेकर यह रोक लगाई थी.

रूस की मदद से बन रहा है परमाणु प्लांट

यह परमाणु बिजली प्लांट रूस की रोसाटॉम की मदद से बनाया जा रहा है. बता दें कि रूपपुर परमाणु ऊर्जा प्लांट बांग्लादेश का पहला परमाणु बिजली प्लांट है. यह पाबना जिले के ईश्वरदी उपजिला में पद्मा नदी के किनारे पाकशी यूनियन के रूपपुर गांव में बनाया जा रहा है. इसके निर्माण में रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम तकनीकी मदद दे रही है और बांग्लादेश परमाणु ऊर्जा आयोग इसकी निगरानी कर रहा है. इस प्रोजेक्ट में तीसरी पीढ़ी के दो VVER-1200 रिएक्टर लगाए जा रहे हैं. दोनों रिएक्टर मिलकर कुल 2,400 मेगावाट बिजली पैदा करेंगे. यह लगातार बिजली देने वाली बेसलोड बिजली होगी.

 

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