बांग्लादेश के पूर्व चीफ जस्टिस एबीएम खैरुल हक गिरफ्तार, इस मामले में भेजे गए जेल

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Bangladesh: बांग्‍लादेश के पूर्व चीफ जस्टिस एबीएम खैरुल हक को गिरफ्तार कर लिया गया है. खैरुल हक को जत्राबाड़ी पुलिस स्‍टेशन के पास हुए विद्रोह के दौरान हुई हत्‍या के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. ढाका की एक अदालत ने गुरुवार को जेल भेजा है. यह फैसला खैरुल हक को उनके आवास में डिटेन करने के कुछ घंटों बाद आया.

करीब 8 बजे हक को कोर्ट में ले गई पुलिस

पूर्व चीफ जस्टिस के गिरफ्तारी का टीवी फुटेज सामने आया है जिसमें दिखाया गया कि पुलिस हक के हाथों में हथकड़ी लगाकर, हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर कोर्ट ले गई. बताया जा रहा है कि पुलिस रात के करीब 8 बजे हक को जेल वैन से ढाका के पुराने इलाके में स्थिति कोर्ट में ले गई. जहां उन्हें सीढ़ियों के रास्ते मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ले जाया गया.

इस मामले में गिरफ्तारी

दरअसल, पिछले साल जत्राबाड़ी में एक पुलिस चौकी के पास हिंसक आंदोलन हुआ था. इस आंदोलन में एक छात्र कार्यकर्ता अब्दूल कैयूम अहद पर धारदार हथियारों से हमला हुआ था और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसी मामले में पूर्व चीफ जस्टिस एबीएम खैरुल हक को आरोपी ठहराकर जेल भेज दिया गया था. इस आंदोलन को तत्कालीन पीएम शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को उखाड़ फेंकने वाला विद्रोह कहा जाता है.

हत्या में 1,000 से 2,000 लोग शामिल

एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एम सनाउल्लाह ने किशोर अब्दुल कैयूम अहद की हत्या के मामले सुनवाई करते हुए खैरुल हक को जेल भेजने का आदेश दिया. इस मामले में खैरुल हक को एक आरोपी के रूप में नामित किया गया था, जबकि पुलिस ने कहा कि जत्राबाड़ी इलाके में हुई इस हत्या में 1 हजार से 2 हजार लोग शामिल थे. कोर्ट में भीड़ नारे लगा कर पूर्व मुख्य न्यायाधीश खैरुल हक को फासीवादी शासन का सहयोगी बता रही थी.

हक के बचाव के लिए नहीं था कोई वकील

बांग्लादेश के एक न्‍यूजपेपर के अनुसार, अदालती कार्यवाही के दौरान पूर्व चीफ जस्टिस हक 40 मिनट तक कटघरे में खड़े रहे, लेकिन अदालत में कोई भी वकील उनके बचाव पक्ष के लिए खड़ा नहीं हुआ. अभियोजन पक्ष मांग कर रहा था कि उन्हें जेल में डाल दिया जाए. अभियोजन पक्ष के एक वकील ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश को गिरफ्तार करने के लिए मुहम्मद यूनुस की सरकार को धन्यवाद भी दिया. कोर्ट में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि वह बांग्लादेश के इतिहास में पहले मुख्य न्यायाधीश थे, जिन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.

जानकारी दें कि खैरुल हक ने 2010 से 2011 तक देश के 19वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला था. वह अपने कार्यकाल के दौरान लिए गए कई ऐतिहासिक फैसलों के लिए जाने जाते थे. उन्होंने साल 2011 में एक फैसला लिया था, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश की गैर-पक्षपाती कार्यवाहक सरकार प्रणाली को असंवैधानिक घोषित कर दिया था.

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