भगौड़े जाकिर नाइक की बांग्लादेश में नो एंट्री, भारत के दबाव में झुकी सरकार?

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Bangladesh Government : वर्तमान में बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार ने भारत में वांछित कट्टरपंथी इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक के प्रस्तावित बांग्लादेश दौरे पर अब रोक लगा दी है. बता दें कि भारी विरोध और आलोचना के बाद सरकार ने स्पष्ट करते हुए कहा कि नाइक को देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. जानकारी देते हुए बता दें कि यह फैसला कुछ ही समय पहले ढाका सचिवालय में हुई गृह मंत्रालय की कानून-व्यवस्था कोर कमेटी की बैठक में लिया गया. इसके साथ ही इसकी जानकारी स्थानीय मीडिया आउटलेट प्रथम आलो ने दी है.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार इसके पहले यूनुस सरकार ने नफरत फैलाने वाले भाषणों के लिए कुख्यात जाकिर नाइक के स्वागत की तैयारी की थी. ऐसे में खबर के सामने आते ही भारत ने आधिकारिक तौर पर कड़ी आपत्ति जताई और साथ ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने जारी बयान में कहा कि यदि जाकिर नाइक ढाका पहुंचता है तो उन्हें भारत के हवाले किया जाएगा.

जाकिर नाइक ने मलेशिया में ली शरण

जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में जाकिर नाइक मलेशिया में शरण लेकर रह रहा है. मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि भारत में उसके खिलाफ आतंकवाद, मनी लॉन्ड्रिंग और नफरती भाषण फैलाने के कई गंभीर मामले दर्ज हैं. इतना ही नही बल्कि साल 2016 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसके खिलाफ आतंकवाद विरोधी मुकदमा दर्ज किया था और इसी के बाद वह भारत से भाग गया. लेकिन अब उसने मलेशिया में स्थायी निवास का दर्जा प्राप्त कर लिया है.

धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने वाला था नाइक

मीडिया रिपोर्ट के दौरान नाइक 28-29 नवंबर को ढाका में आयोजित होने वाले एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने वाला था. बता दें कि स्पार्क इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को इस आयोजन की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसने कुछ ही समय पहले फेसबुक पर घोषणा की थी कि वह नाइक को बांग्लादेश लाने की तैयारी कर रही है. ऐसे में आयोजकों ने दावा करते हुए कहा कि उसे सरकार की अनुमति मिल चुकी है.

पहले से ही नाइक के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध

फिलहाल सरकार ने अब इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया है. उम्‍मीद जताई जा रही है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सरकार ने पहले ही जाकिर नाइक के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था. क्‍योंकि 2016 में ढाका के एक कैफे पर हुए आतंकी हमले में शामिल दो आतंकियों के बारे में पता चला था कि वे नाइक के कट्टर भाषणों से प्रभावित थे.

भारत में दर्ज मामलों की जांच जारी

जानकारी देते हुए बता दें कि नाइक के खिलाफ भारत में अभी भी दर्ज मामलों की जांच जारी है और भारतीय एजेंसियां उनके प्रत्यर्पण की कोशिशें कर रही हैं. इसके साथ ही बांग्लादेश सरकार के इस फैसले को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है.

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