बांग्लादेश में चुनाव से पहले भारत ने वापस बुलाए अपने राजदूत, यूनुस सरकार की बढ़ी बौखलाहट  

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Bangladesh India Relations: बांग्‍लादेश में हिंदूओं के खिलाफ लगातार हो रहे हिंसा के बाद भारत ने बड़ा कदम उठाया है. भारत ने बांग्‍लादेश से अपने राजनायिकों और उनके परिवारों को वापस बुला लिया है, जिसके बाद युनूस सरकार की बौखलाहट बढ़ी हुई है. हांलाकि भारत सरकार की ओर से देश में होने वाले आम चुनाव के दौरान सुरक्षा कारणों को लेकर उठाया गया है.

भारत के इस कदम को लेकर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भारत के राजनयिकों के परिवारों को बांग्लादेश से वापस बुलाने का कोई ठोस कारण नहीं है. देश में ऐसी कोई सुरक्षा स्थिति नहीं है जिससे भारतीय राजनयिकों या उनके परिवारों को कोई खतरा हो.

राजनायिको को वापस बुलाना भारत का आंतरिक मामला

मोहम्मद तौहीद हुसैन ने विदेश मंत्रालय में कहा कि “बांग्लादेश में ऐसी कोई स्थिति नहीं है जो यह संकेत दे कि भारतीय अधिकारियों या उनके परिवारों को कोई खतरा है.” उन्होंने इस कदम को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि भारत किसी भी समय अपने अधिकारियों या उनके परिजनों को वापस बुला सकता है, लेकिन इसके पीछे कोई स्पष्ट सुरक्षा कारण नहीं दिखता.

हम इसमें कुछ नहीं कर सकते

हुसैन ने कहा कि बांग्लादेश को भारत की ओर से सुरक्षा चिंताओं को लेकर कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है. उन्‍होंने कहा कि “संभव है कि भारत को कोई आशंका हो या वह कोई संदेश देना चाहता हो, लेकिन मैं इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं देख पा रहा हूं.”

पूर्व में भारत में उप-उच्चायुक्त रह चुके हुसैन ने स्पष्ट किया कि यदि भारतीय राजनयिक अपने परिवारों को वापस भेजना चाहते हैं, तो बांग्लादेश की ओर से इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी. “अगर वो ऐसा करना चाहते हैं, तो हम इसमें कुछ नहीं कर सकते.”

भारत ने दिया सुरक्षा चिंताओं का हवाला

दरअसल, भारत ने बीते सप्‍ताह बांग्लादेश में बढ़ती हिंसक गतिविधियों और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए वहां तैनात अपने अधिकारियों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया था. यह कदम 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से ठीक कुछ सप्ताह पहले उठाया गया है. भारत ने बांग्लादेश को अपने राजनयिकों के लिए नॉन-फैमिली पोस्टिंग घोषित कर दिया है. हालांकि, ढाका स्थित उच्चायोग सहित सभी पांच राजनयिक मिशन (खुलना, चट्टोग्राम, राजशाही और सिलहट) सामान्य रूप से कार्यरत हैं.

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