बांग्लादेश में लगातार बढ़ रहा खसरे का प्रकोप, ‘वैक्सीनेशन गैप’ बना बड़ी वजह

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

 Bangladesh:  बांग्लादेश में खसरे के प्रकोप ने कई मासूमों की जान ले ली है. स्थानीय मीडिया के अनुसार, देश में हर दिन औसतन करीब 4 बच्चों की मौत हो रही है और 800 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है. इस बीच, सरकार और आम लोगों का ध्यान इस स्वास्थ्य संकट से कुछ हद तक कम होता दिखाई दे रहा है. क्योकि मीडिया रिपोर्ट्स में खसरे के लगातार बढ़ते प्रकोप का अहम कारण ‘वैक्सीनेशन गैप’ को बताया जा रहा है.

हालांकि सरकार के इस दावे के बाद भी कि उसने आपातकालीन खसरा टीकाकरण अभियान का लक्ष्य पार कर लिया है, अस्पतालों में अब भी बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें टीका नहीं लगाया गया है. इससे टीकाकरण कवरेज में मौजूद कमियों का पता चलता है. जुलाई के पहले तीन हफ्तों में खसरे का प्रकोप गंभीर बना रहा.

स्थिति को पूरी तरह समझ नहीं पाए अधिकारी

बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के आंकड़ों को देखें तो इस दौरान हर दिन औसतन 1,005 संदिग्ध और लैब टेस्ट से कन्फर्म किए गए खसरे के मामले सामने आए, 821 अस्पताल में भर्ती किए गए और रोजाना करीब 4 बच्चों की मौत दर्ज की गई. बांग्लादेश के प्रमुख अखबार ‘द डेली स्टार’ ने खसरा और रूबेला उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय सत्यापन समिति के अध्यक्ष महमूदुर रहमान के हवाले से कहा कि “स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन टीकाकरण अभियान के दो महीने बाद भी यह अपेक्षा के अनुरूप नहीं है. ऐसा लगता है कि अधिकारी इस स्थिति को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं.”

संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण उपाय प्रमुख कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खसरे का प्रकोप लगातार जारी रहने के पीछे करीब 40 लाख बच्चों का टीकाकरण से वंचित रह जाना, अभियान के निर्धारित आयु वर्ग से बाहर के बच्चों में संक्रमण फैलना और संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण उपायों की कमजोरी प्रमुख कारण हैं.

बता दें कि बांग्लादेश में मंगलवार को खसरे के प्रकोप से चार बच्चों की मौत हो गई. इसके साथ ही, 15 मार्च से अब तक इस बीमारी से जुड़ी कन्फर्म और खसरे जैसे लक्षणों की वजह से (संदिग्ध श्रेणी में रखी गई) 797 मासूमों की मौत हो चुकी है. स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के मुताबिक, ये आकंड़ा मंगलवार की सुबह 8 बजे तक का है. हाल ही में हुई मासूमों की मौत को बीमारी से जुड़ी संदिग्ध मौत के रूप में चिन्हित किया गया है.

रिपोर्ट के अनुसार, खसरे से पीड़ित सात बच्चों के परिजनों से मिली जानकारी में सामने आया कि इनमें से छह बच्चों को खसरे का टीका नहीं लगाया गया था. इनमें तीन बच्चे डीएनसीसी डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पताल और चार बच्चे संक्रामक रोग अस्पताल (आईडीएच) में भर्ती थे. वहीं, डीएनसीसी अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी आसिफ हैदर ने बताया कि वर्तमान में भर्ती खसरे के 80 से 90 प्रतिशत मरीजों का टीकाकरण नहीं हुआ है. यह अस्पताल मार्च के मध्य से खसरे के मरीजों के लिए विशेष उपचार उपलब्ध करा रहा है.

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