New Delhi: अब भारत दुनिया में क्रिकेट का सबसे बड़ा बाजार बनता जा रहा है. इसी बीच क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने कहा है कि आने वाले समय में एशेज सीरीज का कोई टेस्ट मैच भारत में कराने के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है. इसका मतलब है कि भारत की बढ़ती क्रिकेट ताकत और बाजार को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया भी यहां बड़े मुकाबले आयोजित करने की संभावना तलाश रहा है.
सिर्फ एक विरोधी टीम नहीं
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की मजबूत आर्थिक स्थिति, करोड़ों क्रिकेट फैंस और देश में क्रिकेट की लोकप्रियता को देखते हुए विदेशी क्रिकेट बोर्ड भी भारत को सिर्फ एक विरोधी टीम नहीं, बल्कि एक बड़े क्रिकेट और बिजनेस केंद्र के रूप में देखने लगे हैं. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली एशेज सीरीज क्रिकेट इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित टेस्ट सीरीज में से एक है.
पांच टेस्ट मैचों की सीरीज
1882 से चली आ रही इस ऐतिहासिक भिड़ंत का आयोजन अब तक सिर्फ ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में ही होता आया है. दोनों टीमें बारी-बारी से एक-दूसरे के देश का दौरा करती हैं और पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलती हैं. हालांकि अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया भविष्य में नए विकल्पों को तलाशने के लिए तैयार नजर आ रहा है. एक इंटरव्यू में टॉड ग्रीनबर्ग ने कहा कि क्रिकेट के विकास और नए बाजारों को देखते हुए बोर्ड हर संभावित विकल्प पर विचार करने के लिए तैयार है.
एशेज टेस्ट मैच कराने का विचार
इसमें भारत में एशेज टेस्ट मैच कराने का विचार भी शामिल हो सकता है. ग्रीनबर्ग ने कहा कि भारत में क्रिकेट के लिए बड़े निवेश के अवसर मौजूद हैं और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) तथा इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) के साथ अपने मजबूत संबंधों को देखते हुए इस दिशा में संभावनाएं तलाश सकता है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट उपभोक्ता बाजार माना जाता है.
अन्य क्रिकेट बाजार से काफी आगे
यहां क्रिकेट मैचों को मिलने वाली दर्शकों की संख्या, मीडिया अधिकारों की कीमत और प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) का स्तर दुनिया के किसी भी अन्य क्रिकेट बाजार से काफी आगे है. यही कारण है कि दुनिया की बड़ी क्रिकेट लीग और बोर्ड भारत के साथ ज्यादा से ज्यादा जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. विदेशी टी20 लीग भी भारतीय दर्शकों और बाजार को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति बना रही हैं.
भविष्य के व्यावसायिक अवसरों पर नजर
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया भी भारत की इसी क्षमता को देखते हुए भविष्य के व्यावसायिक अवसरों पर नजर रख रहा है. हालांकि टॉड ग्रीनबर्ग ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले कुछ वर्षों में भारत में एशेज टेस्ट कराने की कोई निश्चित योजना क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के एजेंडा में नहीं है. एशेज जैसी पारंपरिक और ऐतिहासिक सीरीज में बदलाव करना आसान नहीं होगा. इसके लिए न सिर्फ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया बल्कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB), BCCI और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) जैसे पक्षों की सहमति जरूरी होगी.
फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका
इसके अलावा खिलाड़ियों, क्रिकेट विशेषज्ञों और परंपरागत टेस्ट क्रिकेट समर्थकों की राय भी इस तरह के फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
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