New Delhi: पाकिस्तान से भारत आने वाले 104 सिख श्रद्धालुओं को वहां एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया. श्री हेमकुंट साहिब के दर्शन के लिए इन श्रद्धालुओं को भारत की तरफ से वीजा जारी कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी ऐन मौके पर इन्हें फैसलाबाद एयरपोर्ट से शारजाह की फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गया. सिख तीर्थयात्रियों ने वीडियो में अपनी आपबीती बयान की है.
अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग
उन्होंने बताया कि वे दुबई की फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पर थे, जहां से उन्हें आगे नई दिल्ली की यात्रा करनी थी. लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनसे अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की मांग की और इसके बाद उन्हें फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया. बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई सीधी फ्लाइट नहीं चलती है. ‘ऑप्रेशन सिंदूर’ के बाद से अटारी-वाघा बॉर्डर का जमीनी रास्ता भी बंद है. ऐसे में दोनों देशों से यात्रियों को किसी तीसरे देश से होकर आना पड़ता है.
कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं रहा
पाकिस्तान के इमीग्रेशन अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से एयरोपोर्ट पर ‘नो ऑब्जैक्शन सर्टिफिकेट (एन.ओ.सी.) की मांग की. इस पर श्रद्धालुओं की तरफ से तर्क दिया गया कि उनमें से कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं रहा, न किसी तरह से सरकार का हिस्सा है. उनके पास पासपोर्ट हैं और कानूनी वीजा है. ऐसे में एन.ओ.सी. की जरूरत ही नहीं है. हालांकि, इसके बाद भी पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें फैसलाबाद एयरपोर्ट पर रोककर रखा और उनकी फ्लाइट को निकाल दिया.
पाकिस्तान के पासपोर्ट के ऊपर वीजा मिला
एक सिख तीर्थयात्री ने वीडियो में कहा, “हमें पाकिस्तान के पासपोर्ट के ऊपर वीजा मिला है, तो इमिग्रेशन वालों का क्या हक बनता है कि वह सिविलियन से NOC मांगें. NOC तब मांगी जाती है जब कोई अपराधी हो. हम कोई सरकारी कर्मचारी नहीं हैं और हमारे पास वीजा है.” युवक ने इसे पाकिस्तान का जुल्म बताया और कहा कि आप पर हमें शर्म आती है.
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