Ottawa: एयर कनाडा में पूर्व पायलट ज्योफ्री वॉल करीब 17 वर्षों तक फर्जी लाइसेंस और जाली दस्तावेजों के सहारे व्यावसायिक विमान उड़ाता रहा. इस मामले ने कनाडा की विमानन सुरक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच अधिकारियों के अनुसार, 59 वर्षीय वॉल को 1 जून को गिरफ्तार किया गया. उसके खिलाफ 5,000 कनाडाई डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी, सार्वजनिक शरारत (पब्लिक मिसचीफ), जाली दस्तावेजों का उपयोग, नकली प्रमाण-पत्र रखने और अन्य आपराधिक आरोप दर्ज किए गए हैं.
विमानन करियर की शुरुआत
पुलिस और परिवहन अधिकारियों के अनुसार, वॉल ने वर्ष 1998 में अपने विमानन करियर की शुरुआत की थी. आरोप है कि उसने अपनी योग्यता और उड़ान संबंधी प्रमाण-पत्रों में फर्जी जानकारी का इस्तेमाल किया और धीरे-धीरे विमानन क्षेत्र में आगे बढ़ता गया. सबसे गंभीर आरोप यह है कि वर्ष 2009 में उसने कथित रूप से फर्जी क्रेडेंशियल्स के आधार पर पायलट-इन-कमांड यानी विमान कप्तान (कैप्टन) का दर्जा हासिल कर लिया. इसके बाद वह कई वर्षों तक कमर्शियल उड़ानों का संचालन करता रहा और हजारों यात्रियों को लेकर उड़ानें भरता रहा.
दस्तावेजों की जांच में कई विसंगतियां
मामले का खुलासा पिछले वर्ष कनाडा के प्रमुख हवाई अड्डे Toronto Pearson International Airport पर हुई एक नियमित परिचालन जांच के दौरान हुआ. कनाडा की विमानन नियामक संस्था Transport Canada के अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच में कई विसंगतियां पाईं. इसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई, जिसे प्रोजेक्ट इकारस नाम दिया गया. जांच के दौरान अधिकारियों को संदेह हुआ कि कुछ लाइसेंस, प्रशिक्षण रिकॉर्ड और योग्यता संबंधी दस्तावेज वास्तविक नहीं हैं. इसके बाद पुलिस और विमानन सुरक्षा एजेंसियों को जांच में शामिल किया गया.
आरोपी ने हजारों यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाला
मामले की जांच कर रहे डिप्टी चीफ निक मिलिनोविच ने कहा कि आरोपी ने वर्षों तक विमान उड़ाकर हजारों यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाला. हालांकि अब तक किसी दुर्घटना या तकनीकी घटना को सीधे तौर पर वॉल की कथित फर्जी योग्यता से नहीं जोड़ा गया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह कनाडा के नागरिक उड्डयन इतिहास के सबसे गंभीर धोखाधड़ी मामलों में से एक हो सकता है.
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