CBSE exam postponed Middle East: मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध तनाव को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने क्षेत्र के कई देशों में 2 मार्च को होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है. यह निर्णय वहां की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
किन देशों में परीक्षा टली
सीबीएसई द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में स्थित संबद्ध स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं की निर्धारित परीक्षाएं अब तय तारीख पर आयोजित नहीं होंगी. बोर्ड का कहना है कि मौजूदा हालात में परीक्षा कराना छात्रों और स्कूल स्टाफ के लिए सुरक्षित नहीं है, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है.
आगे की परीक्षाओं पर कब होगा फैसला
बोर्ड ने यह भी बताया कि 3 मार्च को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें 5 मार्च से आगे आयोजित होने वाली परीक्षाओं को लेकर स्थिति की समीक्षा की जाएगी. बैठक के बाद आगे की परीक्षाओं के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
नई तारीखों को लेकर निर्देश
सीबीएसई ने कहा है कि स्थगित परीक्षाओं की संशोधित तिथियां जल्द ही घोषित की जाएंगी. छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने-अपने स्कूलों के संपर्क में रहें और आधिकारिक वेबसाइट या स्कूल प्रशासन से ही अपडेट प्राप्त करें. किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करने की भी अपील की गई है.
सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कई देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. ऐसे हालात में परीक्षाओं का संचालन चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था. इसी को देखते हुए बोर्ड ने एहतियातन यह निर्णय लिया है.
छात्रों के हितों को प्राथमिकता
सीबीएसई ने आश्वासन दिया है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा. नई परीक्षा तिथियां तय करते समय ऐसा कार्यक्रम बनाया जाएगा जिससे छात्रों की तैयारी प्रभावित न हो. फिलहाल विद्यार्थी अगली आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, वहीं बोर्ड क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव
गौरतलब है कि मध्य पूर्व में हालात तेजी से तनावपूर्ण बने हुए हैं. इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले की खबरों के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान सहित कई शहरों पर मिसाइल हमले किए गए और महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया. इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जिसका असर सामान्य गतिविधियों के साथ-साथ शैक्षणिक कार्यक्रमों पर भी पड़ा है.