चेतक और चीता हेलीकॉप्टरों की होगी विदाई, अब भारतीय सेना के पास होंगे 200 नए हल्के हेलीकॉप्टर

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Kamov-226T: भारतीय सेना और वायुसेना से जल्द ही पुराने चेतक और चीता हेलीकॉप्टरों की विदाई होने वाली है. रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इनकी जगह आधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर (Light Utility Helicopters) शामिल किए जाएंगे. इसके लिए 200 हेलीकॉप्टरों की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिन्हें टोही और निगरानी हेलीकॉप्टर (RSH) भी कहा जाता है.

पुराने हेलीकॉप्टर आधुनिक तकनीक, सुरक्षा और बेहतर नियंत्रण के अभाव में कई दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार रहे हैं. सेना ने शुक्रवार को 120 निगरानी और टोही हेलीकॉप्टरों के लिए जानकारी मांगी है. वहीं, भारतीय वायु सेना के लिए भी 80 हेलीकॉप्टर खरीदने की योजना है. रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि जल्द से जल्द आधुनिक डिजाइन वाले हल्के हेलीकॉप्टरों से पुराने चीता-चेतक को बदलना आवश्यक है.

नए हेलीकॉप्टरों की खूबियां और आवश्यकताएं

नए हेलीकॉप्टर दिन-रात निगरानी कर सकेंगे, विशेष मिशनों के लिए कुछ सैनिकों को ले जा सकेंगे और जमीन पर सेना के समर्थन में भी काम करेंगे. ये हेलीकॉप्टर हमले वाले हेलीकॉप्टरों के साथ स्काउटिंग का काम भी करेंगे.

लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर की खासियत

लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) एक बहुउद्देश्यीय लड़ाकू हेलीकॉप्टर है जिसे उच्च ऊंचाई और कठिन मौसम में भी ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें आधुनिक एवियोनिक्स, नाइट विजन क्षमता, और उन्नत टार्गेटिंग सिस्टम लगे होते हैं, जिससे यह दिन-रात और हर मौसम में मिशन पूरा कर सकता है. LCH दुश्मन के टैंकों, बंकरों, ड्रोन और लो-फ्लाइंग एयरक्राफ्ट को निशाना बनाने में सक्षम है. इसके हल्के और चपल डिजाइन के कारण यह पहाड़ी और संकरी जगहों पर भी आसानी से उड़ान भर सकता है. इसमें एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड हथियार, रॉकेट, और मिसाइलें लगाने की सुविधा होती है, जिससे यह जमीनी सेना को करीबी हवाई समर्थन देने में बेहद कारगर साबित होता है.

रक्षा मंत्रालय ने संसद में पेश की थी रिपोर्ट

रक्षा मंत्रालय ने इस मार्च में संसद में पेश एक रिपोर्ट में कहा कि भारतीय वायुसेना लड़ाकू विमानों, परिवहन, हेलीकॉप्टरों और प्रशिक्षण विमानों के साथ-साथ हवा से हवा में मार करने वाले हथियारों, हवा से जमीन पर मार करने वाले हथियारों, सतह से हवा में मार करने वाले निर्देशित हथियारों, मानव रहित हवाई वाहनों और रडारों का स्वदेशी उत्पादन कर रही है.

मार्च में, भारतीय वायु सेना ने अन्य रक्षा प्रणालियों के साथ-साथ और अधिक उपयोगिता हेलीकॉप्टर प्राप्त करने की योजना पहले ही बना ली थी. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने सेना और वायु सेना के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से 45,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 156 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की खरीद को भी मंजूरी दी.

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