अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ सकता है ईरान!, अराघची के चीनी विदेश मंत्री संग बैठक पर US ने दी चेतावनी

Beijing: पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट के बीच ईरानी विदेश मंत्री सयद अब्बास अराघची ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की. दोनों विदेश मंत्रियों के बीच बीजिंग में हुई अहम बैठक ने पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट को लेकर वैश्विक चिंता को और स्पष्ट कर दिया है. इस बैठक में चीन ने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा हालात अत्यंत चिंताजनक हैं और तत्काल एक व्यापक युद्धविराम लागू करना जरूरी है.

वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा

इस बीच अमेरिका की ओर से मार्को रूबियो ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उसकी कार्रवाइयों के कारण वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ सकता है. उन्होंने चीन से भी अपील की कि वह ईरान को समझाए कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना या बाधित करना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है. रुबियो ने यह भी कहा कि चीन खुद इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकता है, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर तेल आयात और निर्यात पर निर्भर है.

संघर्ष का दोबारा भड़कना स्वीकार्य नहीं

इसलिए चीन के हित में भी यही है कि वह ईरान को इस रास्ते को खुला रखने के लिए प्रेरित करे. वांग यी ने जोर देकर कहा कि संघर्ष का दोबारा भड़कना स्वीकार्य नहीं है और सभी पक्षों को संवाद और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए. चीन का यह रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह ईरान का प्रमुख आर्थिक साझेदार और कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है.

ईरान के विदेश मंत्री की पहली चीन यात्रा

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच करीब दो महीने तक चले संघर्ष के बाद भी तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद यह ईरान के विदेश मंत्री की पहली चीन यात्रा है, जो इस बात का संकेत है कि तेहरान अब वैश्विक समर्थन और रणनीतिक संतुलन बनाने में जुटा है. बैठक में होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा सबसे अहम रहा.

ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण

यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया की 20 प्रतिशत से अधिक तेल और गैस सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है. अमेरिका द्वारा ईरान पर दबाव डालने और समुद्री गतिविधियों को लेकर बढ़ते तनाव ने इस क्षेत्र को बेहद संवेदनशील बना दिया है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की 14-15 मई को प्रस्तावित चीन यात्रा भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना

इस यात्रा के दौरान व्यापार समझौते के साथ-साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है. चीन ने एक ओर जहां शांति और बातचीत पर जोर दिया है, वहीं उसने अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की आलोचना भी की है. दूसरी ओर खबरें यह भी हैं कि चीन क्षेत्रीय देशों, खासकर पाकिस्तान के साथ मिलकर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की संभावनाओं पर काम कर रहा है.

इसे भी पढ़ें. हैदराबाद हाउस: वियतनाम के राष्ट्रपति का PM मोदी ने किया स्वागत, दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक

Latest News

31 August 2026 Ka Panchang: सोमवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

31 August 2026 Ka Panchang: आज 31 अगस्त 2026, सोमवार का दिन है और भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष...

More Articles Like This

Exit mobile version