चीन में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई! जिनपिंग ने 9 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को किया संसद से बाहर

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Beijing: चीन की सेना में चल रही भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की कमान और तैयारियों पर गंभीर असर डाला है. नौ वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC) से हटा दिया गया है. चीन की संसद ने वार्षिक ‘टू सेशंस’ बैठक से ठीक पहले नौ वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों पर यह कार्रवाई हुई. हटाए गए अधिकारियों में पांच फुल जनरल, एक लेफ्टिनेंट जनरल और तीन मेजर जनरल शामिल हैं.

सार्वजनिक नहीं किए गए हटाने का कारण

इनमें ग्राउंड फोर्स कमांडर ली कियाओमिंग, पूर्व नौसेना कमांडर शेन जिनलोंग और वायुसेना के राजनीतिक आयुक्त यू झोंगफू जैसे बड़े नाम शामिल हैं. हटाने के कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. लंदन स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चल रहे ‘शुद्धिकरण’ अभियान ने सेना के शीर्ष ढांचे में कई पद खाली हो गए हैं, जिससे कमांड स्ट्रक्चर में ‘गंभीर कमियां’ उभर आई हैं.

रक्षा अकादमियों तक में जांच और कार्रवाई

रिपोर्ट के अनुसार, जब तक इन खाली पदों को भरा नहीं जाता, तब तक PLA अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही है. पिछले एक साल में केंद्रीय सैन्य आयोग, थिएटर कमांड, हथियार खरीद कार्यक्रमों और रक्षा अकादमियों तक में जांच और कार्रवाई हुई है. अनुशासनात्मक कार्रवाई की जद में चीन के दो सबसे वरिष्ठ जनरल भी आए. जनवरी में झांग योउशिया पर जांच शुरू हुई, जबकि पिछले साल अक्टूबर में हे वेइदोंग को पद से हटा दिया गया.

अब सिर्फ दो सक्रिय नेता बचे

इस कार्रवाई के बाद सात सदस्यीय सर्वोच्च सैन्य कमान में अब सिर्फ दो सक्रिय नेता बचे हैं, खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग और हाल ही में पदोन्नत उपाध्यक्ष झांग शेंगमिन. IISS का कहना है कि अगर नियुक्तियां रिश्तों के आधार पर हुई थीं या हथियार प्रणालियों और मनोबल में समस्याएं थीं, तो इस सफाई अभियान का अल्पकालिक असर सेना की क्षमता पर पड़ना तय है. हालांकि रिपोर्ट यह भी कहती है कि यह असर अस्थायी हो सकता है और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया जारी रहेगी.

NPC चीन का सर्वोच्च विधायी निकाय

NPC चीन की संसद है. इसे चीन का सर्वोच्च विधायी निकाय माना जाता है. औपचारिक रूप से यही संस्था कानून बनाती है, बजट पास करती है, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे शीर्ष पदों की पुष्टि करती है और संवैधानिक संशोधन भी कर सकती है. हर साल मार्च में बीजिंग में इसकी बड़ी बैठक होती है, जिसे ‘टू सेशंस’ कहा जाता है. इसमें पूरे चीन से हजारों प्रतिनिधि शामिल होते हैं.

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