चीन ने अपने हवाई क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे नीदरलैंड्स के नौसैनिक हेलीकॉप्टर को खदेड़ा, माना संप्रभुता का उल्लंघन

Must Read

Beijing: नीदरलैंड्स के एक नौसैनिक हेलीकॉप्टर ने चीन के संप्रभु हवाई क्षेत्र में अवैध रूप से घुसपैठ की. जवाब में चीन ने न केवल अपने अत्याधुनिक गाइडेड मिसाइल युद्धपोतों को तैनात किया, बल्कि हवा में मार करने वाली घातक पीएल-10 (PL-10) मिसाइलों से लैस लड़ाकू विमानों को भी डच ताकतों को खदेड़ने के लिए रवाना कर दिया. चीन ने इस कार्रवाई को एक गंभीर उकसावा और अपनी संप्रभुता का उल्लंघन माना है.

क्षेत्रीय दावों के बीच चल रहे टकराव को और हवा

इस घटना ने इस क्षेत्र में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन (नौवहन की स्वतंत्रता) और क्षेत्रीय दावों के बीच चल रहे टकराव को और हवा दे दी है. साउथ चाइना सी के विवादित पार्सल आइलैंड्स (सिंशा द्वीप समूह) के पास भारी मिलिट्री बिल्ड-अप मौजूद है. नीदरलैंड्स का आधुनिक युद्धपोत एचएनएलएमएस डी रूयटर इस समय इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पांच महीने के लंबे मिशन ‘पैसिफिक आर्चर’ पर तैनात है. इस मिशन का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन करना है.

दायरे में रहकर ही कर रहे थे काम 

डच रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनका युद्धपोत और उस पर तैनात एनएच-90 हेलीकॉप्टर अंतरराष्ट्रीय कानून और यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी (UNCLOS) के दायरे में रहकर ही काम कर रहे थे. नीदरलैंड्स इस बात को खारिज करता है कि उसने किसी देश की जल सीमा या हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है. वह इसे अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में एक सामान्य अभ्यास मान रहा है.

घुसपैठ का जवाब बेहद आक्रामक

चीन ने इस कथित घुसपैठ का जवाब बेहद आक्रामक और रणनीतिक तरीके से दिया. चीनी सेना ने पार्सल द्वीप समूह के पास अपने दो प्रमुख युद्धपोतों, टाइप 056A फ्रिगेट तियानमेन (हल 631) और टाइप 054A फ्रिगेट वुझोउ (हल 626) को डच युद्धपोत की घेराबंदी के लिए तैनात कर दिया. इसके साथ ही चीनी युद्धपोत दाली (हल 553) ने डच एनएच-90 हेलीकॉप्टर को अंग्रेजी भाषा में सीधे मौखिक चेतावनी जारी की.

भारी इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेरेंस का इस्तेमाल

जब हेलीकॉप्टर ने उड़ान जारी रखी, तो चीनी नौसेना ने अपने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (इलेक्ट्रॉनिक युद्ध) सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया. चीन ने डच हेलीकॉप्टर के सेंसर्स, नेविगेशन और कम्युनिकेशन सिस्टम को बाधित करने के लिए भारी इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेरेंस (कॉशनेरी इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप) का इस्तेमाल किया, जिसके बाद डच बलों को वहां से हटना पड़ा.

इसे भी पढ़ें. यूक्रेन पर हमले के दौरान रोमानिया में गिरा रूसी ड्रोन, बिल्डिंग में धमाका, दो लोग घायल, मची अफरा-तफरी

Latest News

India-China relations: भारत से लौटते ही नरम पड़े चीनी राष्‍ट्रपत‍ि ज‍िनपिंग, ट्रेड की राह में आ रहे रोड़े होंगे खत्‍म

New Delhi: चीनी राष्‍ट्रपत‍ि शी ज‍िनपिंग के भारत से लौटते ही दोनों देशों ने ट्रेड की राह में आने...

More Articles Like This