चीन ने ईरान-US संकट पर पाकिस्तान की मध्यस्थता का किया समर्थन, बोला-मौजूदा स्थिति में बातचीत बेहद जरूरी

Beijing: पाकिस्तान ने अब्राहम समझौते में शामिल होने से इंकार कर दिया है, जिसके बाद अमेरिका उससे काफी नाराज चल रहा है. इसी बीच चीन ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान और अन्य देशों की सक्रिय मध्यस्थता का समर्थन किया है. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि मौजूदा स्थिति में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सबसे जरूरी है, क्योंकि वे ही इस विवाद के मुख्य पक्ष हैं.

सक्रिय मध्यस्थता का समर्थन

उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान एवं अन्य देशों की सक्रिय मध्यस्थता का समर्थन करते हैं. यहां आने से पहले मेरी मुलाकात पाकिस्तान की सेना के प्रमुख आसिम मुनीर से हुई. हम अमेरिका और ईरान दोनों के प्रयासों का भी समर्थन करते हैं. चीन इस समय मई के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है. उसने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बनाए रखने तथा संयुक्त राष्ट्र केंद्रित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करने विषय पर एक परिषद बहस की मेजबानी की.

एक ही दिन में नहीं बनाती बर्फ का पहाड़ 

वांग ने मंगलवार की सुबह इस बहस के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की और संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय की अपनी यात्रा के दौरान महासचिव एंतोनियो गुतारेस से भी मुलाकात की. अमेरिका-ईरान संघर्ष पर एक सवाल के जवाब में वांग ने कहा कि जैसा कि हम कहते रहे हैं, बर्फ का पहाड़ एक ही दिन में नहीं बनाती, ऐसे ही पुरानी समस्याएं रातोरात नहीं सुलझतीं. उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत में हर कदम आगे बढ़ना शांति की उम्मीद को और मजबूत करता है.

युद्धविराम की दिशा में प्रतिबद्ध

वांग ने कहा कि हम चाहते हैं कि सभी संबंधित पक्ष युद्धविराम की दिशा में प्रतिबद्ध रहें और एक-दूसरे के साथ लचीला रुख अपनाएं ताकि पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द शांति लौट सके. हमारा मानना है कि जब भी कोई समझौता होगा, उसे वैधता और अधिकार के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पास अनुमोदन हेतु भेजा जाएगा. चीनी विदेश मंत्री ने सोमवार को बीजिंग में मुनीर से बातचीत की थी. मुनीर ने उन्हें तेहरान और वाशिंगटन के बीच जारी तनाव के बीच हुई ईरान की अपनी हालिया यात्रा के बारे में जानकारी दी.

पाकिस्तान की भूमिका दोषपूर्ण

वांग का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका को दोषपूर्ण बताया. बता दें कि ग्राहम की यह टिप्पणी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान के अब्राहम समझौते में शामिल होने के पक्ष में नहीं हैं. यह समझौता इजराइल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करने से जुड़ा है.

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