Beijing: चीन के डॉक्टरों ने एक मेजिकल सर्जरी कर वैश्विक स्तर पर मेडिकल इंडस्ट्री में इतिहास रच दिया है. देश के एक अस्पताल ने दावा किया है कि उसके डॉक्टरों ने दुनिया का पहला ‘डबल जांघ रीप्लांटेशन’ यानी दोनों जांघों को दोबारा जोड़ने का ऑपरेशन किया है. एक फैक्ट्री वर्कर, जिसने अपनी दोनों जांघें गंवा दी थीं वह अब दोबारा चल-फिर पाने में कामयाब हो सका.
कट गई थीं दोनों जांघें
जियांग नाम के 51 साल के फैक्ट्री वर्कर का 2 दिसंबर, 2024 को एक बड़ा एक्सीडेंट हुआ था. जियांगसू प्रांत के सूझोऊ में एक प्लांट में इंडस्ट्रियल मशीनरी की वजह से उसकी दोनों जांघें कट गई थीं. जियांग को सूझोऊ रुइहुआ ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां 20 से ज़्यादा मेडिकल प्रोफेशनल्स की टीम ने इस केस पर काम किया. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ट्रॉमा एसोसिएशन के अनुसार, माइक्रोसर्जिकल तकनीकों का इस्तेमाल करके उन्होंने ब्लड वेसल्स, नसों, हड्डियों और मांसपेशियों को दोबारा जोड़कर दोनों अंगों को सक्सेसफुल रीप्लांट किया.
20 महीनों तक सघन रिकवरी
जियांग की कई सर्जरी की गईं और फिर लगभग 20 महीनों तक उसकी सघन रिकवरी (ऑपरेशन के बाद ठीक होने की प्रक्रिया) चली. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अब वह व्यक्ति फ्रेम की मदद से घर के अंदर चल सकता है और बिना किसी मदद के अपने रोज़मर्रा के ज़्यादातर काम कर सकता है. स्थानीय अस्पताल नेटवर्क ‘जियांगसू ट्रॉमा एंड ट्रीटमेंट एसोसिएशन’ ने दावा किया कि हालांकि पहले एक जांघ को दोबारा जोड़ने में सफलता मिली थी, लेकिन किसी मरीज़ की दोनों जांघों को पूरी तरह से दोबारा जोड़ने और उसके दोबारा चलने-फिरने का यह पहला केस है.
रिकवरी की प्रक्रिया में कुछ चुनौतियां भी आईं
एसोसिएशन ने लिखा कि रिकवरी की प्रक्रिया में कुछ चुनौतियां भी आईं, ऑपरेशन के बाद जियांग को ‘लोकल स्किन नेक्रोसिस’ (त्वचा का एक हिस्सा मर जाना) की समस्या हुई और उसे ‘फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी’ करवानी पड़ी. बाद में गंभीर ‘ओपन कॉमिन्यूटेड फ्रैक्चर’ के कारण फीमर (जांघ की हड्डी) के न जुड़ने (नॉन-यूनियन) की समस्या हुई, जिसके लिए उसे ‘बोन ग्राफ्टिंग’ और दोनों फीमर की ‘रीइन्फोर्स्ड इंटरनल फिक्सेशन’ सर्जरी करवानी पड़ी.
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